गौरीगंज (अमेठी)। कुपोषण दूर करने के लिए पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका तैयार होगी। कवायद सफल हो सके इसके लिए पोषक युक्त सब्जियों के बीज उद्यान विभाग से प्राप्त कर वितरण किया जा रहा है। बीज वितरित करने के बाद केंद्रों पर पोषण वाटिका तैयार कर लाभार्थियों को पोषक तत्वों के प्रयोग व उनके उत्पादन के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा।
जिले में 1943 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह माह से तीन वर्ष के 87,853 बच्चों के साथ तीन वर्ष से छह वर्ष के 48,030 बच्चे, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली 36,072 महिलाएं, 262 किशोरी तथा 2,675 अतिकुपोषित बच्चों की निगरानी की जा रही है।
प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण के साथ पोषाहार का भी वितरण जिला कार्यक्रम विभाग आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं के माध्यम से कराता है। कुपोषण को पूरी तरह दूर किया जा सके इसके लिए शासन के निर्देश पर इन दिनों पोषण माह कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।
सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने कार्यक्रम के दौरान पोषण के प्रति लाभार्थियों को जागरूक करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका तैयार कराने की योजना बनाई गई। कवायद सफल हो सके इसके लिए पोषक सब्जियों के बीज की मिनी किट उद्यान विभाग ने प्राप्त की गई है।
मिनी किट में गाजर व पालक समेत पोषाहार युक्त सब्जी के 20 प्रकार की बीज शामिल हैं। मिनी किट को सीडीओ कार्यालय के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित करते हुए केंद्र पर पोषण वाटिका तैयार करने तथा लाभार्थियों को स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक पोषाहार की जानकारी देते हुए भोजन में हरी व पोषण युक्त सब्जी का प्रयोग करने तथा उत्पादन के प्रति जागरुक करने का निर्देश दिया है।
सीडीओ ने बताया कि जिले में संचालित 1943 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 500 केंद्रों पर पहले से ही पोषण वाटिका संचालित कराई जा रही हैं। डीपीओ दिनेश सिंह ने बताया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका तैयार करने के साथ ही लाभार्थियों के घर पर भी पोषण वाटिका तैयार कराते हुए जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की कोशिश की जा रही है। डीपीओ ने लोगों ने पोषण युक्त भोजन करने की अपील करते हुए कुपोषण के लक्षण दिखने पर आंगनबाड़ी केंद्र पर संपर्क कर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने को कहा है।