गौरीगंज (अमेठी)। परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए एसआरजी व एआरपी की नियुक्ति बेसिक शिक्षा विभाग ने की है। बीएसए ने कार्यालय में नियुक्त कर्मियों के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान स्कूल सपोर्टिव सुपरविजन समेत अन्य लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों को जमकर फटकार लगाई।
बीएसए ने बैठक से अनुपस्थित नौ एआरपी से जवाब तलब करते हुए सभी को नियमित सुपरविजन करते हुए शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार कराने का निर्देश दिया है।
जिले में कार्यरत तीन एसआरजी व प्रत्येक विकास खंड में तैनात चार-चार एआरपी के कार्यों की समीक्षा शुक्रवार को बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने की। इस दौरान नियमित स्कूलों का सपोर्टिव सुपरविजन न करने के साथ शैक्षिक गुणवत्ता सुधार मेें भी सहयोग न करने का मामला प्रकाश आया।
भेटुआ के एआरपी महेंद्र कुमार जायसवाल, झल्लर यादव, शाहगढ़ के रामेंद्र शुक्ल व महेंद्र प्रताप मिश्र, जगदीशपुर के शिव प्रताप यादव, शुकुलबाजार के विक्रमदिव्य तिवारी व देवीशरण तथा सिंहपुर के मो. रफीक व ओंकार नाथ पांडेय बैठक से बिना सूचना नदारद रहे। बिना सूचना बैठक से अनुपस्थित रहने पर बीएसए ने सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इस दौरान बीएसए ने एआरपी को प्रतिदिन कम से कम दो स्कूलों में जाकर शैक्षिक कार्य में सहयोग तथा सपोर्टिव सुपरविजन करने, जिन स्कूलों में शैक्षिक स्तर पर सुधार नहीं हो रहा है उनकी रिपोर्ट देने, शिक्षकों की नियमित संयुक्त बैठक करने, मां समूह को पुनर्जीवित करने, प्रत्येक माह अभिभावक-शिक्षक की मीटिंग करने तथा विभागीय बैठक में प्रतिभाग करने का निर्देश दिया है।
बीएसए ने दायित्वों में लापरवाही बरतने तथा स्कूलों का सपोर्टिव सुपरविजन न करने की दशा में कार्रवाई की चेतावनी दी है। बैठक में प्रभारी जिला समन्वयक प्रशिक्षण अनिरुद्ध शुक्ल समेत सभी एसआरजी व एआरपी मौजूद रहे।