गौरीगंज (अमेठी)। जिले में हर रोज बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। डेढ़ माह से आरटीपीसीआर लैब में सैंपलों की जांच नहीं हो पा रही है। जांच के दौरान लैब में प्रयुक्त होने वाली सभी 79 प्रकार की सामग्री समाप्त है। नवंबर माह में ही सामानों की खरीद के लिए मांग पत्र शासन को भेजने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जिला अस्पताल भवन में संचालित आरटीपीसीआर लैब करीब डेढ़ माह से बंद चल रही है। नवंबर माह में जांच सामग्रियों की खरीद का मांग पत्र भेजने के बावजूद अब तक शासन स्तर से सामानों की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। ऐसे में प्रतिदिन कोरोना केस निकलने के बावजूद जांच के लिए सैंपलों को लखनऊ भेजना पड़ रहा है। मालूम रहे कि जिला अस्पताल भवन में आरटीपीसीआर लैब का संचालन तीन जुलाई 2021 को शुरू किया गया था।
जिले में ही जांच की सुविधा होने से जहां प्रतिदिन एकत्र सैंपलों को लखनऊ तक ले जाने की परेशानी से निजात मिली थी, वहीं जांच रिपोर्ट भी कम समय में मिल रही थी। पहली बार लैब संचालन के लिए दस लाख का बजट मिला था। इसके बाद दोबारा बजट नहीं मिलने से जांच में लगने वाली तकरीबन सामग्री समाप्त हो गई। सामग्री समाप्त होने से पिछले दो दिसंबर से जिले में लिए जा रहे सैंपलों को जांच के लिए लखनऊ भेजा जाने लगा।
सामग्री समाप्त होने पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा स्वीकृत बजट का प्रस्ताव मांगा गया। एनएचएम की मांग पर विभाग की ओर से लैब संचालन के लिए सामग्री की खरीद करने का बजट नवंबर की डीएचएस की बैठक में स्वीकृत कराकर शासन को भेज दिया गया।
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि लैब के लिए आवंटित बजट समाप्त हो गया है। बजट नहीं होने से जांच में लगने वाले सामानों की खरीद नहीं हो पा रही है। ऐसे में स्थानीय लैब में जांच बंद हो गई है। नवंबर माह में ही बजट का मांग पत्र शासन को भेजा जा चुका है। अब तक समाप्त सामानों की खरीद नहीं हो सकी है। इमरजेंसी वाले करीब 25 से 30 सैंपलों की जांच लैब में की जा रही है।