भेटुआ/ परतोष (अमेठी)। कोतवाली क्षेत्र के गांव थौरा में बीती 29 अक्तूबर को जमीनी विवाद को लेकर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर जानलेवा हमला बोल दिया था। हमले में एक परिवार के नौ लोग घायल हुए थे। इलाज के दौरान उसी दिन एक की मौत हो गई थी। मंगलवार को एक और घायल युवक की मौत हो गई। दूसरी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवारवालों ने बुधवार सुबह शव को गांव के समीप अमेठी-धम्मौर मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया।
आचार संहिता समाप्त होने के बाद परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा नामजद सभी छह आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के आश्वासन पर परिजन शव का पोस्टमॉर्टम कराने को राजी हुए। इस दौरान करीब तीन घंटों तक मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।
मालूम रहे कि कोतवाली क्षेत्र के गांव थौरा निवासी वंश बहादुर सिंह व दिलीप सिंह के बीच काफी दिनों से जमीनी विवाद को लेकर रंजिश चल रही थी। 29 अक्तूबर को दिलीप सिंह ने अपने परिवारीजनों व कई अन्य साथियों के साथ वंश बहादुर पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया। खूनी संघर्ष में वंश बहादुर पक्ष के राजीव कुमार सिंह (42), राहुल सिंह (31), तरुण सिंह (38), आकाश सिंह (26), सुभाष सिंह (32), मीरा सिंह (46), गुड़िया (25), रेखा सिंह (28) व अरुण सिंह (33) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायल राहुल सिंह की इलाज के दौरान उसी रात मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल सुभाष सिंह का इलाज एम्स से चल रहा था।
करीब सात दिन पूर्व सुभाष सिंह की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लखनऊ में भर्ती कराया गया। जहां मंगलवार रात इलाज के दौरान सुभाष सिंह की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बुधवार सुबह परिवारीजनों ने शव को अमेठी-धम्मौर मार्ग पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर एसडीएम संजीव कुमार मौर्य, सीओ अर्पित कपूर, एसएचओ विनोद कुमार सिंह तथा एसओ मुंशीगंज संदीप कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। परिवार के लोग इस बात से नाराज थे कि अब तक नामजद आरोपियों में से छह की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
अफसरों द्वारा परिवार के एक सदस्य को नौकरी का आश्वासन दिया गया था, जो तीन माह बाद भी पूरा नहीं हुआ। सूचना पर पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने आचार संहिता समाप्त होने के बाद परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने तथा शेष आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी को कहा। भाजपा नेता के आश्वासन के बाद परिवार के लोग अंतिम संस्कार को राजी हुए। इस दौरान करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। प्रदर्शन समाप्त होने पर करीब तीन घंटे बाद बाधित मार्ग पर आवागमन बहाल हो सका।
घटना में घायल राजीव सिंह और आकाश सिंह का दोबारा ऑपरेशन होना है। चिकित्सकों ने ऑपरेशन की डेट दी है। इस बीच मंगलवार रात छोटे भाई सुभाष सिंह की मौत के बाद दोनों भाई फिर टूट से गए। थौरा गांव में वंश बहादुर के दो बेटों की मौत से परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक सुभाष की पत्नी समेत अन्य परिवारीजन रो-रोकर बेहोश हो जा रहे थे। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।