मुसाफिरखाना/जगदीशपुर (अमेठी)। जिले में 36 घंटे तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश बंद होने के बाद अब गोमती नदी कहर बरपा रही है। गोमती नदी में बढ़े जलस्तर से लगातार कटान जारी है। आम घाट के समीप अब तक करीब 80 बीघा जमीन कटान में समा गई तो मुसाफिरखाना के गाजनपुर व दुवरिया गांव के किसानों की करीब दो हजार बीघा भूमि पर बोई गई फसल बाढ़ के पानी में समा गई है।
शुक्रवार से बारिश बंद होने के बाद से गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जगदीशपुर ब्लॉक क्षेत्र के आम घाट पुल के समीप तेज बहाव के चलते कटान जारी है। अब तक नदी की धारा की चपेट में आकर तराई क्षेत्र के गांव भूली नगर, पूरे सिनेत व पूरे छेदी अवस्थी निवासी जयलला, वीरेंद्र निषाद, दिनेश निषाद, अयोध्या प्रसाद, संतोष निषाद, हरीराम निषाद, रमेश निषाद, लोकेश निषाद, जंगली रैदास, रामदेव निषाद, राम किशोर बाजपेई, अमरेज सिंह, बलदेव सिंह, जय प्रकाश चौरसिया, मुनेश्वर प्रजापति आदि की करीब 80 बीघे से ज्यादा जमीन अब तक तेजी से हो रहे नदी के कटान की भेंट चढ़ गई है।
नदी में तेजी से हो रही कटान से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वहीं मुसाफिरखाना क्षेत्र में भी गोमती नदी का कहर जारी है। नदी किनारे के गाजनपुर व दुवरिया गांव के धर्मवीर सिंह, जगतारण, राधे श्याम, यशवंत सिंह, अखिलेश सिंह, पहाड़ी सिंह, साहब शरण सिंह, मुन्ना सिंह, रंग बहादुर सिंह, सीपी सिंह, ओम प्रकाश व नन्हे सिंह समेत बड़ी संख्या में किसानों ने बताया कि गोमती नदी के बढ़े जलस्तर से अब तक करीब दो हजार बीघा भूमि पर बोई गई फसल पानी में डूब गई हैं। इन फसलों के अब पूरी तरह से बर्बाद होने का आशंका है।
खतरे में कई गांवों का अस्तित्व
जगदीशपुर। गोमती नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से कटान तेजी से हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो उनके घर भी नदी में समाहित हो जाएंगे। कई गांव कटान से मात्र 300 मीटर दूर हैं। यदि पानी और बढ़ा तो भुलीनगर, पूरे छेदी अवस्थी और पूरे सिनेत गांव का अस्तित्व समाप्त हो सकता है। कई गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
सड़कें कटी गांव तक पहुंचा पानी
मुसाफिरखाना। ब्लॉक क्षेत्र के कादूनाला से डेहरियावां जाने वाली सड़क पर छतारी गांव के पास पुलिया की मिट्टी बह गई है। मिटटी बहने के साथ ही पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। सड़क से होकर पानी बहने से उमरा, छतारी, डेहरियावां, तिरहुत, कुवासी, बड़ाडाड़ सहित दर्जनों गांव का आवागमन प्रभावित हो गया है।
चार पहिया वाहन को छतारी पहुंचकर वापस लौटना पड़ रहा है। यही नहीं निजामुद्दीनपुर गांव में गोमती नदी के बाढ़ का पानी गांव तक पहुंच गया है। गांव निवासी इस्माइल, शाहिल आदि की चौखट तक पानी भरा है। ग्रामीणों का मानना है यदि रविवार को भी इसी तरह पानी का जल स्तर बढ़ा तो सोमवार तक गांव के कई लोगों के घरों में पानी घुस जाएगा।
प्रशासन के रवैये पर आक्रोश
गोमती नदी के तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से जिले का प्रशासनिक अमला पूरी तरह बेपरवाह बना हुआ है। कई हेक्टेयर खेती की जमीन जहां कटान में बह गई है वहीं अब नदी किनारे बसे गांवों का अस्तित्व खतरे में है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से अब तक कोई मदद नहीं पहुंचने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ रहा है।
कराई जा रही जांच : तहसीलदार
मुसाफिरखाना। तहसीलदार संगीता पंाडेय ने बताया कि गोमती नदी में बढ़े जल स्तर से फसलों की डूबने की सूचना मिली है। संबंधित क्षेत्र के नायब तहसीलदार को नुकसान का आकलन करने की जिम्मेदारी दी गई है। रिपोर्ट मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार ने नदी किनारे बसे लोगों से स्वयं व अपने परिवारों को सुरक्षित करने की अपील की है।