गौरीगंज (अमेठी)। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक की लिखित परीक्षा को नकल विहीन संपन्न कराने की तैयारी जिले में तेज हो गई है। परीक्षा की शुचिता कायम रहे इसके लिए सेक्टर, स्टैटिक मजिस्ट्रेट के साथ परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।
परीक्षा के दौरान निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा व वाइस रिकॉर्डर की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए दो सचल गठित किया गया है। दो दिन दो पालियों में चार केंद्रों पर आयोजित होनी वाली परीक्षा में जिले में 4,380 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से आयोजित होने वाली सहायक अध्यापक लिखित परीक्षा को नकल विहीन संपादित कराने की कोशिश तेज हो गई है।
कवायद सफल हो सके इसके लिए सात व आठ अगस्त को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित परीक्षा केंद्र शिव प्रताप इंटर कॉलेज अमेठी, रणवीर इंटर कॉलेज रामनगर, जीआईसी टीकरमाफी व रानी सुषमा देवी बालिका इंटर कॉलेज मुंशीगंज में तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
परीक्षा नियंत्रक का पत्र मिलने के बाद डीएम अरुण कुमार ने स्टैटिक व सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ पर्यवेक्षक व सचल दल का गठन किया है। परीक्षा के नोडल आशुतोष मिश्र ने बताया कि जीआईसी टीकरमाफी में जिला समाज कल्याण अधिकारी को स्टैटिक, तहसीलदार अमेठी को सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा प्रधानाचार्य राजकीय हाईस्कूल कंजास को पर्यवेक्षक नामित किया गया है।
इसी तरह रणवीर इंटर कॉलेज रामनगर में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को स्टैटिक, तहसीलदार तिलोई को सेक्टर तथा प्रधानाचार्य राजकीय हाईस्कूल हरिहरपुर को पर्यवेक्षक, शिव प्रताप इंटर कॉलेज में बीएसए को स्टैटिक, एसडीएम अमेठी को सेक्टर तथा प्रधानाचार्य राजकीय हाईस्कूल अफुइया को पर्यवेक्षक और रानी सुषमा देवी बालिका इंटर कॉलेज मुंशीगंज में नायब तहसीलदार गौरीगंज को स्टैटिक, तहसीलदार गौरीगंज को सेक्टर तथा प्रधानाचार्य राजकीय हाईस्कूल जायस को पर्यवेक्षक नामित किया गया है।
नामित अफसरों को निर्देश देते हुए परीक्षा के दिन निगरानी करते हुए नकल विहीन परीक्षा कराने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा, राउटर व वाइस रिकॉर्डर से निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए जिला कृषि अधिकारी व सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी की अगुवाई में एक-एक महिला पुरुष नामित कर सचल दल गठित किया गया है। गठित सचल दल परीक्षा के दौरान भ्रमणशील रहकर परीक्षा की निगरानी करेगा। परीक्षा की शुचिता प्रभावित होने की दशा में सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।