गौरीगंज (अमेठी)। कृषि निवेश में किसानों को परेशानी से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित करने की योजना बनाई है। इसके लिए कृषि निदेशक ने जिला प्रशासन को पत्र भेजा है।
किसानों को खेती-किसानी में आर्थिक संकट से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से आच्छादित किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने का निर्देश दिया है। इसके लिए कृषि निदेशक ने डीएम व कृषि विभाग को पत्र भेजा है। पत्र में विशेष अभियान संचालित कर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे सभी किसानों का केसीसी बनवाते हुए रिपोर्ट देने को कहा गया है।
कृषि निदेशक का पत्र मिलने के बाद डीएम ने सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक के साथ ही एसडीएम व तहसीलदार को पत्र जारी कर गांव-गांव किसानों से संपर्क कर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों की खेतौनी, आधार कार्ड व शपथ पत्र संलग्न करते हुए फसली ऋण स्वीकृत कर कार्ड देने का निर्देश दिया है। डीएम ने अभियान में लापरवाही बरतने व योजना से आच्छादित किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड न बनने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डोर-टू-डोर जाएंगे लेखपाल
शत-प्रतिशत प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना से जुड़े किसानों का केसीसी बनाने के लिए विशेष अभियान संचालित होगा। अभियान सफल हो इसके लिए राजस्व लेखपालों को डोर-टू-डोर सर्वे करते हुए शत-प्रतिशत किसानों को क्रेडिट कार्ड से आच्छादित कराने का निर्देश दिया गया है। अभियान में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
2.82 लाख किसानों को मिल रहा लाभ
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि जनपद मे कुल 3.46 किसान हैं। 49 हजार किसान योजना की पात्रता की श्रेणी में नहीं हैं। दो लाख 97 हजार किसानों को योजना से लाभान्वित करने के लिए चिह्नित किया गया है। जिसमें दो लाख 81 हजार 944 किसान के खाते मेें सम्मान निधि जा रही है। 2800 किसानों का अकाउंट मिस मैच तथा 12 हजार दो सौ किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में आवेदन नहीं किया है। शत-प्रतिशत किसानों को योजना से लाभान्वित करने के लिए अभियान संचालित कर उनका पंजीयन करते हुए योजना से लाभान्वित करने की कोशिश की जा रही है।
1.60 लाख तक का नहीं होगा सत्यापन
उप निदेशक कृषि सत्येंद्र सिंह चौहान ने बताया कि योजना के तहत सभी किसानों का केसीसी बनाना बैंकों के लिए अनिवार्य होगा। एक लाख 60 हजार रुपये तक के केसीसी में कोई जांच नहीं होगी। इसके ऊपर की राशि के कार्ड को तत्काल स्वीकृति देते हुए अभिलेखों की जांच कराई जाएगी।
निष्क्रिय कार्ड भी होंगे सक्रिय
एलडीएम विमल कुमार गुप्त ने बताया कि बैंकों में पहले बने किसानों के निष्क्रिय किसान क्रेडिट कार्ड को अभियान में सक्रिय करने के साथ ही उनकी ऋण सीमा में विस्तार किया जाएगा। इतना ही नहीं केसीसी से वंचित किसानों को अपने गांव से संबद्ध बैंक में जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद नियमानुसार सभी का केसीसी कार्ड बनाने का निर्देश शाखा प्रबंधकों को दिया गया है।