गौरीगंज (अमेठी)। दीपावली के दिन मरीजों को असुविधा न होने पाए, इसके लिए स्वास्थ्य समेत अन्य विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। डीएम की स्वीकृति मिलने के बाद सीएमएस ने जिला अस्पताल तो सीएमओ ने सभी अधीक्षकों को पत्र भेजकर अस्पताल में वार्ड आरक्षित करने के साथ दवा की पर्याप्त व्यवस्था व चिकित्सकों की ड्यूटी सुनिश्चित कराने के साथ ही घायलों के इलाज में लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया है।
ज्योति पर्व दीपावली के दिन किसी भी हादसे का शिकार हुए व्यक्ति को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए जिला प्रशासन ने फुलप्रूफ रणनीति तैयार की है। डीएम के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग बुधवार को व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटा रहा। इसके लिए सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने असैदापुर स्थित मलिक मोहम्मद संयुक्त जिला अस्पताल में वार्ड आरक्षित कर दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई है।
इसके अतिरिक्त सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने सभी सीएचसी अधीक्षक को पत्र भेजकर व्यवस्था दुरुस्त करते हुए अवकाश के दिन इलाज की बेहतर व्यवस्था करने के लिए अस्पताल में वार्ड आरक्षित करने, पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता तथा चिकित्सकों की ड्यूटी लगाने व उनकी उपस्थित सुनिश्चित कराने के लिए स्वयं अस्पताल में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। सीएमओ ने पर्व पर मरीजों को कोई परेशानी होने तथा लापरवाही उजागर होने पर अधीक्षक के साथ ही अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि ज्योति पर्व पर आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारी कर ली गई है। अस्पताल में एक वार्ड आरक्षित करने के साथ पर्याप्त संख्या मेें दवा की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए चिकित्सकों की ड्यूटी लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में गुरुवार से शुक्रवार तक डॉ. लईकुल्लजमा के नेतृत्व में डॉ. गुलाम व डॉ. शब्बीर की ड्यूटी लगाई गई है।
डॉ. नीरज वर्मा, डॉ. शुभम पांडेय के साथ सभी डॉक्टरों को ऑनकाल की सुविधा पर रखा गया है। चिकित्सक ने लोगों से पटाखे छोड़ते समय सावधानी बरतने के साथ ही किसी भी अप्रिय घटना के होने पर सीधे अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र कुमार चौबे ने बताया कि दीपावली पर्व पर अग्निकांड की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थान पर पटाखों की दुकानें लगवाई गई हैं। सभी दुकानों पर फायर कंट्रोल सेट के साथ बालू व पानी का प्रबंध किया गया है। प्रमुख स्थानों पर कर्मियों की ड्यूटी लगाते हुए फायर टैंकर खड़े किए गए हैं।
अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि पुलिस विभाग के सहयोग से अभियान संचालित कर भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पटाखों की बिक्री को प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने लोगों से स्वयं की मौजूदगी में ही बच्चों को आतिशबाजी करने की छूट देने को कहा है। किसी भी अप्रिय स्थिति के उत्पन्न होने पर तत्काल सूचित करने की अपील करते हुए बताया कि आग लगने की घटना को नियंत्रित करने के लिए विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।