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इलाज न मिलने से चली गई बेटे की जान

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भेटुआ (अमेठी)। बुखार से जूझते हुए लखनऊ में जान गंवाने वाले सचिन के पिता ने बेटे को समय से इलाज न मिलने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक के बाद उसे बार-बार रेफर किया जाता रहा। कहीं भी इलाज नहीं किया गया। समय रहते इलाज न मिलने से बेटे की जान चली गई। सचिन की मौत से न सिर्फ परिवार में बल्कि पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।
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पूरे दुनिया मजरे मई निवासी रघुराज के पुत्र सचिन (15) की बुखार से लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में रविवार सुबह मौत हो गई थी। रघुराज ने बताया कि सचिन उच्च प्राथमिक विद्यालय घटकौर में कक्षा आठ का छात्र था। पांच सितंबर से सचिन को हल्का बुखार था।
उसे गांव के ही एक चिकित्सक को दिखाया गया। तीन दिन बाद उसकी हालत बिगड़ी तो उसे नौ सिंतबर को संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे तत्काल रायबरेली रेफर कर दिया गया। रायबरेली जिला अस्पताल में सचिन के खून की जांच हुई तो प्लेटलेट्स 40 हजार पाई गई। 10 सितंबर को मिली रिपोर्ट देखते चिकित्सकों ने बच्चे को लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों ने बेड खाली नहीं होने की बात कही।
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इससे पूरी रात उन्हें बाहर रहना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद 11 सितंबर को सचिन को ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी में भर्ती किया गया। लेकिन हालत गंभीर होते हुए भी उसे बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान 12 सितंबर को उसकी मौत हो गई। रघुराज का आरोप है कि हर जगह बेटे को एक से दूसरे अस्पताल रेफर किया जाता रहा। अगर समय से इला मिला होता तो उसकी जान बच सकती थी।
बुझ गया घर का चिराग
रघुराज व उनकी पत्नी गीता की पांच संतानों में सचिन सबसे बड़ा था। शालिनी, सलोनी, सिया व परी सचिन की छोटी बहनें हैं। सचिन की मौत से पूरा परिवार टूट गया है। माता पिता रह-रहकर बेसुध हो जा रहे हैं तो बहनें एक दूसरे को देखते ही फफक पड़ती हैैं।
मां व बहन भी बुखार से पीड़ित
सोमवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेटुआ के डॉ. योगेंद्र श्रेष्ठ अपनी टीम के साथ सचिन के घर पहुंचे और लोगों की जांच की। सचिन के परिवारीजनों की जांच के बाद गांव के अन्य लोगों की हुई जांच में हरिचरन की पत्नी रीता व बेटी रोशनी भी बुखार से पीड़ित मिलीं। स्वास्थ्य टीम ने दोनों को दवा किट देकर रक्त नमूना जांच के लिए भेजा।
डॉ. योगेंद्र ने बताया कि यदि जांच में डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड निकला तो पुन: टीम आएगी। टीम ने एंटी लार्वा व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने के साथ मलेरिया संबंधित साहित्य का वितरण किया। सोमवार सुबह सफाई कर्मचारी राम सजीवन ने ग्राम प्रधान राजेश की मौजूदगी में दवा का छिड़काव किया।
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