जायस (अमेठी)। कंटेनर में फंसकर पेड़ की डाल गिरने से किशोर की मौत के बाद सोमवार को शव गांव पहुंचते ही हर ओर चीख पुकार मच गई। हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव के ही दो अन्य बच्चे अस्पताल में जीवन व मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
थाने के आलमपुर गांव निवासी सुरजीत (14), कपिल (10) व रीतेश (17) गांव के बाहर रविवार को पुलिया पर बैठे थे। तभी जलनिगम के पाइप लेकर जा रहे कांटेनर की चपेट में आने से पेड़ की डाल टूट कर तीनों पर गिर गई। दुर्घटना में सुरजीत की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत गई। रात में मौत के बाद सोमवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो रात से रोते-रोते सूख चुके परिजनों के आंसू दोबारा छलक पड़े। परिजनों की करुणवेदना से मौजूद लोगों की भी आंखें नम रहीं। फोर्स की मौजूदगी में शव का गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
किशोर के मौत की सूचना के बाद गांव पहुंचे नायब तहसीलदार अशोक कुमार कुशवाहा तथा राजस्व निरीक्षक उग्रसेन सिंह ने मृतक सुरजीत के परिजनों को सांत्वना दी। सुजीत की मौत व कपिल तथा रीतेश की अस्पताल में जीवन व मौत के बीच संघर्ष करने से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
दस साल पहले हो चुकी पिता की मौत
आलमपुर में सड़क दुर्घटना में सुरजीत के पिता रमेश पटेल की दस साल पहले मौत हो गई। परिवार में भाई अजय कुमार व अरुण के साथ बहन सुधरा व डिंपल है। सुरजीत की मौत के बाद मां कांती देवी के थि भाई व बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
नहीं मिली तहरीर
एसओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि किशोर की मौत के बाद पंचायतनामा के आधार पर पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है। गोरखपुर निवासी कंटेनर ड्राइवर शमसाद को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया है। वाहन को कब्जे में लिया गया है। परिजनों ने अब तक कोई तहरीर नहीं है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।