भादर (अमेठी)। देश की सीमा पर ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले सेना के जवान का शव बुधवार को उनके घर आएगा। मंगलवार को जहां बड़ी संख्या में शहीद के घर पहुंचे लोगों ने परिवार को ढांढ़स बंधाया वहीं शहीद के सम्मान में दुर्गापुर व रामगंज बाजारों में दुकानें बंद रहने से सन्नाटा पसरा रहा।
दुर्गापुर बाजार निवासी दिनेश कुमार कसौधन दो मई 2011 में बीएसएफ में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। इस समय उनकी तैनाती 27 बटालियन में श्रीनगर के ख्वाडा सेक्टर में थी। सोमवार शाम चार बजे उनके बड़े भाई ओम प्रकाश के मोबाइल नंबर पर बीएसएफ श्रीनगर द्वारा भाई के शहीद होने की सूचना दी गई।
सूचना के बाद परिवार वालों ने लोगों से बताया कि दिनेश आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। हालांकि मंगलवार को मिली पुष्ट सूचना के अनुसार सोमवार अपराह्न लगभग दो बजे दिनेश ड्यूटी पर थे। इसी दौरान उनके सामने से गुजर रही कंटीली बाड़ पर बिजली का तार टूटकर गिरने से वे करंट की चपेट में आकर झुलस गए।
बिजली बंद कराने के बाद साथी सैनिक उन्हें अस्पताल ले गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शहीद के शोक व सम्मान में मंगलवार को रामगंज और दुर्गापुर के सभी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। दुकानें बंद होने की वजह से दोनों बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दुर्गापुर के व्यापारी अनिल गुप्ता ने बताया बताया कि दिनेश बेहद सरल स्वभाव के थे। उनके शहीद होने की खबर बेहद दुखदाई है।
तैयार हो रहा अंत्येष्टि स्थल
शहीद के अंतिम संस्कार को यादगार बनाने के लिए चिन्हित किए गए शमशान स्थल की साफ-सफाई प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर करवाई जा रही है। स्थल को समतल करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से राविश डलवाई जा रही है। भूमि के समतलीकरण के लिए जेसीबी भी लगाई गई है।
अंतिम संस्कार में किसी प्रकार का व्यवधान न हो इसके लिए लेखपाल और कानूनगो को मौके पर तैनात किया गया है। शहीद के भाई ओम प्रकाश ने बताया कि दिनेश का शव बुधवार सुबह आने की उम्मीद है।