गौरीगंज (अमेठी)। परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2022-23 में पंजीकृत विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म के लिए अभी इंतजार करना होगा। नया शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने के बावजूद शासन ने अब तक न तो ड्रेस वितरण के लिए धनावंटन किया और न ही कोई मार्ग दर्शन विभाग को दिया है। ऐसे में विद्यार्थी पुरानी ड्रेस पहनकर स्कूल आने को मजबूर हैं।
कोविड संक्रमण के कारण शैक्षिक सत्र 2020-21 व 2021-22 में प्रभावित शैक्षिक व्यवस्था वर्तमान शैक्षिक सत्र 2022-23 में पटरी पर लौट रही है। वार्षिक परीक्षा के बाद एक अप्रैल से बेसिक शिक्षा विभाग ने नया शैक्षिक सत्र प्रारंभ किया है।
शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने के बाद सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले में 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक व 197 कंपोजिट परिषदीय स्कूल, 33 सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल व 35 राजकीय स्कूल में प्रवेश के साथ शिक्षण कार्य शुरू हो चुका है।
शैक्षिक सत्र 2021-22 में कक्षा एक से आठ तक पंजीकृत 1,84,222 विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा के आधार पर अगली कक्षा में प्रवेश देने के बाद शिक्षा से वंचित बच्चों को चिह्नित कर उनका प्रवेश किया जा रहा है। नए शैक्षिक सत्र में शासन ने 38,520 विद्यार्थियों के प्रवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है।
नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के बाद एक तरफ जहां विद्यार्थियों को पुरानी पाठ्य पुस्तक के सहारे पढ़ाया जा रहा है वहीं यूनिफार्म मद में धनावंटन नहीं होने से अभी यूनिफॉर्म के लिए भी विद्यार्थियों को इंतजार करना होगा। सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत विद्यार्थियों को प्रति वर्ष दो जोड़ी ड्रेस दी जाती है।
एक जोड़ी ड्रेस के लिए 300 रुपये विभाग की ओर से खर्च किए जाते हैं। जबकि योजना के तहत नया शैक्षिक सत्र शुरू होते ही विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म मिल जाना चाहिए। लेकिन वर्तमान शैक्षिक सत्र में ऐसा नहीं हो पा रहा है। इसके पीछे धनावंटन नहीं होना कारण बताया जा रहा है।
योजना को पारदर्शी बनाने के लिए अभिभावकों के खाते में यूनिफॉर्म, स्कूल बैग व अन्य सामग्री क्रय के लिए 1100 रुपये खाते में भेजने की व्यवस्था जिम्मेदारों द्वारा बताई जा रही है। विद्यार्थियों का पंजीकरण होने के बाद प्रेरणा पोर्टल पर अभिभावक का बैंक खाता अपलोड होने के बाद पीएफएमएस पोर्टल पर सत्यापित होने के बाद ही धनराशि अंतरित हो सकती है। यूनिफार्म मद में धनावंटन को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से छात्रों की संख्या भेजकर बजट की डिमांड की गई है।
बजट का इंतजार
जिला समन्वयक एमडीएम अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यूनिफॉर्म वितरण की तैयारी पूरी की जा रही है। विभाग का निर्देश व बजट मिलने के बाद ही विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में धनराशि का अंतरण किया जाएगा। वर्तमान शैक्षिक सत्र में 2,22,742 विद्यार्थियों को नामांकित करते हुए विभागीय योजना से लाभान्वित कर बेहतर शिक्षा दी जाएगी। डीसी ने बताया कि नए सत्र की शुरुआत हो गई है। ड्रेस के लिए अभी बजट नहीं आया है। बच्चे पिछले साल की ड्रेस पहनकर विद्यालय आ रहे हैं।
हो रही निगरानी : बीएसए
बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि योजना के तहत स्कूल में पंजीकृत बच्चों व अभिभावकों का डिटेल मिशन प्रेरणा एप पर अपलोड हो रहा है। शत-प्रतिशत अभिभावकों के खातों में अनुदान राशि अंतरित हो सके इसके लिए लगातार निगरानी करने के साथ अपलोडिंग की जा रही है। धनराशि मिलते ही अनुदान राशि अंतरित की जाएगी। जब तक धनराशि अंतरित नहीं हो रही तब तक विद्यार्थियों को पुरानी ड्रेस पहन कर आने तथा जिन अभिभावकों ने अनुदान राशि मिलने के बाद ड्रेस नहीं क्रय किया उनसे संपर्क कर ड्रेस खरीद कर बच्चों को यूनिफॉर्म में स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।