गौरीगंज/इन्हौना (अमेठी)। स्टैटिक मजिस्ट्रेट व पुलिस के संयुक्त चेकिंग व तलाशी अभियान में बुधवार को बड़ी सफलता मिली। तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन थाना क्षेत्र की पुलिस ने वाहनों से 20.02 लाख रुपये नगद के साथ सात किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद किया। उक्त वाहन सवारों द्वारा आभूषण व नगदी के वैध कागजात नहीं दिखा पाने पर बरामद सामान को जब्त कर टीम वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।
जिले के चार विधानसभा क्षेत्र में 27 फरवरी को पांचवें चरण में मतदान होना है। नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद पूरे जिले में चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। सभी स्टैटिक मजिस्ट्रेट व संबंधित थाने की पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चलाकर वाहनों व व्यक्तियों की सघन तलाशी लेने के बाद ही उन्हें जाने दे रहे हैं। बुधवार को लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर इन्हौना कस्बे में स्टैटिक मजिस्ट्रेट गुलाब सिंह यादव, एसओ शिवरतनगंज विवेक सिंह व चौकी प्रभारी इन्हौना तनुज कुमार पाल वाहनों की चेकिंग कर रहे थे।
इस दौरान मुसाफिरखाना के वार्ड नंबर सात निवासी सराफा व्यवसायी रमाकांत कौशल के वाहन को पुलिस ने रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके वाहन से दो अलग-अलग पॉली बैग से 7.269 किलोग्राम चांदी के जेवरात के साथ दो लाख रुपये नकद बरामद हुए।
जगदीशपुर क्षेत्र के स्टैटिक मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र कुमार व एसआई मिथिलेश सिंह ने हाइवे स्थित बुद्धुपुरवा मोड़ के समीप चेकिंग के दौरान केशव नगर सीतापुर रोड़ लखनऊ निवासी आशीष कुमार के वाहन से पांच लाख सात हजार 200 रुपये, इसी थाना क्षेत्र के दूसरे स्टैटिक मैजिस्ट्रेट कृष्णा यादव व एसआई प्रदीप कुमार मिश्र ने चेकिंग के दौरान कमरौली थाना क्षेत्र के कठौरा निवासी मजहर के वाहन से 11 लाख 30 हजार रुपये तो वारिसगंज निवासी राजेंद्र की कार से 78 हजार रुपये बरामद किया।
जामो एसओ धीरेंद्र कुमार यादव कस्बा स्थित वारिसगंज मोड़ पर चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच वहां पहुंचे गायत्री नगर लखनऊ निवासी कुंज मिश्र की कार से 95,700 रुपये बरामद हुए। मिले जेवरात व नगदी के बारे में उक्त लोग पुलिस टीम को सही जानकारी नहीं दे सके। सही जानकारी नहीं दे पाने पर पुलिस ने बरामद जेवरात व नकदी को कब्जे में लेकर ट्रेजरी में जमा करा दिया। बरामद नगदी व आभूषण को जब्त करने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
संबंधित थाना प्रभारियों ने बताया कि आदर्श आचार संहिता का पालन नहीं करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। मजिस्ट्रेटों ने बताया कि बरामद जेवरात व संपूर्ण नगदी को ट्रेजरी में जमा कराकर जांच पड़ताल की जा रही है। जेवरात व नगदी का सही प्रमाण देने के बाद जब्त सामग्री अवमुक्त कर दी जाएगी।