अंबेडकरनगर। बेवाना थाना क्षेत्र के रामपुर जयसिंह गांव में बकाया मजदूरी मांगने पर युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने युवक का शव उसके घर के छप्पर में चारपाई पर रख दिया और फरार हो गए। घटना से परिवारीजनों में चीख पुकार मच गई। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार भी कर लिया है।
बेवाना थाना क्षेत्र के रामपुर जयसिंह गांव में गुरुवार को सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव निवासी चंद्रराम मौर्य के पुत्र दीपक (22) की हत्या होने की खबर फैली। दीपक का शव घर के एक हिस्से में बने छप्पर में रखी चारपाई पर पड़ा था। उसके सिर से खून बह रहा था, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट के निशान थे। हत्या देर रात या फिर भोर में की गई प्रतीत हो रही थी। कुछ देर में ही एसओ बेवाना मौके पर पहुंच गए।
परिवारीजनों ने बताया कि वह घर के एक हिस्से में बने छप्पर में सोता था। बुधवार की रात भी वह वहीं सोने गया। इसके बाद उसका शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर छानबीन शुरू कर दी। दीपक के भाई दिलीप ने थाने में दर्ज कराए केस में कहा कि गांव निवासी जावेद, मसीहुद्दीन और वेद प्रकाश ने अपने खेत में धान की रोपाई कराई था। वे बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं कर रहे थे।
मजदूरी मांगने से नाराज होकर इन लोगों ने गांव में ही उसके भाई की हत्या कर दी। इसके बाद शव को चारपाई पर लाकर रख दिया। ऐसा करते मैंने और मेरी मां ने देखा है। पुलिस ने केस दर्ज होते ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसओ राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि केस दर्ज कर कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पहले खिलाई दावत, फिर मार डाला
पुलिस के अनुसार कुल चार हजार रुपये का विवाद था। आरोपियों ने 500 रुपये का भुगतान किया था। बकाया अदा करने के लिए दीपक लगातार दबाव बना रहा था। बुधवार को तीनों आरोपी दीपक को पहले निकट के बाजार ले गए। वहां नशा किया। रास्ते में कुछ विवाद भी हुआ। गांव आकर जावेद के घर में नॉनवेज बना। सबने साथ मिलकर खाया पिया। इसके बाद फिर से दीपक ने मजदूरी की बात उठा दी। इसी दौरान नशे में धुत लोगों ने उसे मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात को छिपाने के लिए इसके बाद वे सब दीपक के शव को उसके घर पर रखकर फरार हो गए।