अंबेडकरनगर। जिले में पंचायत चुनाव के परिणाम घोषित होने के साथ ही विजय प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों और कोविड प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ाईं। प्रतिबंध के बावजूद विजय जुलूस निकाले गए। तमाम जुलूसों में तो बाकायदा डीजे व बैंड पार्टी भी शामिल हुई। इसके बावजूद अलग-अलग थानों में संबंधित पुलिसकर्मी पूरी तरह मौन धारण किए रहे। खास बात यह है कि ऐसे कई विजय जुलूस सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुए। इसे देखकर सोशल मीडिया पर जनपद पुलिस की खूब किरकिरी भी हुई।
कोविड-19 तथा शांति व्यवस्था के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव में जीत के बाद किसी भी तरह के जुलूस आदि निकालने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। सभी जिलों को इसका कड़ाई से पालन करने का निर्देश भी था। जिले में सभी थानाध्यक्षों को एसपी आलोक प्रियदर्शी ने इस बाबत पहले से ही जरूरी निर्देश दे रखा था।
इसके बावजूद रविवार देर शाम से लेकर सोमवार शाम तक घोषित होने वाले परिणामों के बाद विजयी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने इन निर्देशों की जमकर धज्जियां उड़ाईं। जगह-जगह न सिर्फ विजय जुलूस निकाले गए वरन उसमें ढोल नगाड़े व डीजे पार्टी तक शामिल की गई। कई जुलूसों में तो दर्जनों बाइक व चार पहिया वाहन भी बैंड पार्टी के अलावा शामिल थे। पुलिस की किसी भी कार्रवाई से बेखौफ होकर ऐसे तमाम जुलूस जिले के अलग-अलग मार्गों पर भ्रमण करते रहे, लेकिन पुलिसकर्मियों को इसे रोकने की सुध नहीं हो सकी।
खास बात यह कि निर्देशों का उल्लंघन कर विजय जुलूस निकालने के तमाम वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए। कई जुलूस तो ऐसे थे जिसमें खुले वाहन पर प्रत्याशी व उनके समर्थक सवार थे। जिसका जैसे मन हुआ उसने उसी तरह से राज्य निर्वाचन आयोग व शासन के निर्देशों की जमकर अवहेलना की। इसे लेकर सोशल मीडिया पर पुलिस प्रशासन को लेकर जमकर किरकिरी भी हुई। तमाम नागरिकों ने आलोचना करते हुए कहा कि यदि पहले से ही सख्ती बरती गई होती तो इस तरह का मखौलन उड़ने पाता। उधर, एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि किसी भी क्षेत्र में यदि इस तरह के जुलूस निकले हैं तो उन मामलों में कार्रवाई कराई जाएगी।