अंबेडकरनगर। छह माह पहले तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिला अस्पताल के जिस ट्रॉमा विंग का लोकार्पण किया था उसमें अब तक इलाज शुरू नहीं हो सका। मरीजों व तीमारदारों में जो उम्मीदें जगी थीं वह टूट रही हैं। यहां स्टाफ की तैनाती न होने से शुरुआत नहीं हो पा रही। अब तक शासन से यह तक तय नहीं हो सका है कि यहां कितने डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
जिला अस्पताल परिसर में एक करोड़ 19 लाख 42 हजार रुपये से बनकर तैयार छह बेड वाले ट्रॉमा विंग का 20 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अकबरपुर पहुंचकर लोकार्पण किया था। उम्मीद बढ़ी कि जल्द ही इसका संचालन भी होने लगेगा। इंतजार में एक एक दिन कर छह माह का समय बीत गया लेकिन अब तक उम्मीदें अधूरी हैं। दरअसल अब तक यहां स्टाफ की तैनाती ही नहीं हो पाई है। इससे गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है। ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल से राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर रेफर किया जा रहा है।
मालूम हो कि वर्ष 2019-20 में जिला अस्पताल परिसर में छह बेड के ट्रॉमा विंग के निर्माण का स्वास्थ्य निदेशालय ने निर्णय लिया था। गंभीर रूप से घायलों के बेहतर इलाज की सुविधा जिला अस्पताल में न होने से ऐसे मरीजों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर करना पड़ता था। बीते दिनों राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में ट्रॉमा सेंटर की अस्थायी व्यवस्था के तहत स्थापना तो की गई लेकिन अभी सुविधाएं मिलनी नहीं शुरू हुईं। लोकार्पण के छह माह बाद भी संचालन शुरू न होने से सवाल उठ रहे हैं।
जिला अस्पताल में शुक्रवार को मरीज राधेश्याम ने कहा कि ट्रॉमा विंग की शुरुआत होती तो मरीजों को अनावश्यक भागदौड़ से छुटकारा मिल जाता। मरीज कलावती वर्मा ने कहा कि शासन में बैठे अधिकारियों को यह ध्यान देना चाहिए कि बड़ी रकम खर्च कर भवन तो खड़ा कर दिया गया लेकिन मरीजों को लाभ दिलाने की चिंता नहीं है। कई अन्य मरीजों ने भी इसी प्रकार नाराजगी जताई।
निदेशालय को भेजा गया पत्र
ट्रॉमा विंग के संचालन के लिए स्टाफ की जरूरत है। इसके लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा गया है। स्टाफ की तैनाती होते ही संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। - डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस