अंबेडकरनगर। नई स्थानांतरण नीति के तहत जिले के 35 से अधिक सरकारी चिकित्सकों व करीब 40 कर्मचारियों पर तबादले की तलवार लटक गई है, जो मंडल में 10 वर्ष, तो जिले में 7 वर्ष से अधिक गुजार चुके हैं। शासन ने न सिर्फ सीएमएस कार्यालय, बल्कि सीएमओ कार्यालय से उन चिकित्सकों व कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया है, जो अधिक समय से तैनात हैं। सीएमएस कार्यालय ने जहां 10, तो सीएमओ कार्यालय ने लगभग 25 चिकित्सकों की सूची फिलहाल तैयार कर भेज दी है। इसके अलावा लगभग 40 कर्मचारियों की भी सूची शासन को भेजी जा रही है। इसके अलावा भी कई और चिकित्सकों व कर्मचारियों की सूची शासन को भेजी जा सकती है।
स्वास्थ्य सेवा को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार ठोस कदम उठा रहे हैं। बीते दिनों ही जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी व पीएचसी में भी बेड की संख्या बढ़ाए जाने की घोषणा की गई थी। इस घोषणा के तहत जिले के सरकारी अस्पतालों में 300 बेड बढ़ाए जाएंगे। इस बीच अब चिकित्सकों पर भी शिकंजा कसने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए नई स्थानांतरण नीति तैयार की है। इस नीति के अनुसार ऐसे चिकित्सक व कर्मचारी जो मंडल में 10 वर्ष व संबंधित जनपद में 7 वर्ष से अधिक समय व्यतीत कर चुके हैं, उनका स्थानांतरण किया जाएगा। इसे अमल में लाने के लिए गत दिवस ही शासन ने जिला अस्पताल स्थित सीएमएस कार्यालय व सीएमओ कार्यालय को पत्र भेजकर निर्देशित किया था कि ऐसे चिकित्सकों व कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराई जाए।
इस निर्देश के बाद न सिर्फ जिला अस्पताल, बल्कि सीएमओ कार्यालय ने शासन को ऐसे चिकित्सकों व कर्मचारियों की सूची भेजनी प्रारंभ कर दी है। सीएमएस कार्यालय के अनुसार ऐसे 10 चिकित्सकों की सूची शासन को भेज दी गई है, जो मंडल में 10 व जनपद में 7 वर्ष से अधिक समय से जिला अस्पताल में तैनात हैं। इसके अलावा 12 कर्मचारियों की भी सूची भी शासन को भेजी गई है। उधर, सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 25 चिकित्सक ऐसे हैं, जो इस श्रेणी में शामिल हैं। कार्यालय से लेवल फोर श्रेणी के चिकित्सकों की सूची शासन को भेजी जा चुकी है। लेवल थ्री व लेवल टू श्रेणी के चिकित्सकों की सूची तैयार की जा रही है, जिसे शीघ्र ही शासन को भेज दिया जाएगा। इसके अलावा लगभग 28 से अधिक कर्मचारियों की सूची भी लगभग तैयार है, जिसे शासन को भेज दिया जाएगा।
मरीजों को भुगतना पड़ सकता है खामियाजा
नई स्थानांतरण नीति का पालन होने पर यदि सिर्फ चिकित्सकों को यहां से स्थानांतरित किया गया और उनके स्थान पर नए चिकित्सक न आए तो जिला अस्पताल समेत विभिन्न सीएचसी व पीएचसी में मरीजों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। जिला अस्पताल में वैसे ही स्वीकृत पद के सापेक्ष चिकित्सक काफी कम हैं। अब यदि 10 चिकित्सक यहां से स्थानांतरित हो गए तो मरीजों को इलाज में दिक्कतें होंगी। यही हाल सीएचसी व पीएचसी में भी देखने को मिल सकता है।
भेजी जा रही चिकित्सकों की सूची
निदेशक प्रशासक का पत्र आया था। इसके आधार पर उन चिकित्सकों व कर्मचारियों की सूची तैयार कर ली गई है, जो मंडल में 10 व जनपद में 7 वर्ष से अधिक समय से तैनात हैं। ऐसे चिकित्सकों व कर्मचारियों की सूची शासन को भेजी जा रही है।
डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस