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परीक्षार्थियों ने किया परीक्षा का बहिष्कार, हंगामा

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अंबेडकरनगर के किसान इंटर कॉलेज पकड़ीभोजपुर में परीक्षार्थियंों के हंगामे के बाद तैनात पुलिस बल? - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। टीजीटी परीक्षा में पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए शनिवार को किसान इंटर कॉलेज पकड़ी भोजपुर में परीक्षार्थियों ने हंगामा कर दिया। नाराज परीक्षार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर मौके पर ही धरना शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि विद्यालय प्रशासन की ओर से कुछ परीक्षार्थियों के लिए विशेष सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से पेपर को लीक किया गया है। नाराज परीक्षार्थियों को मनाने कई अधिकारी पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। डीएम व एसपी ने भी विद्यालय पहुंचकर समझाने की कोशिश की, लेकिन परीक्षार्थी बहिष्कार पर अड़े रहे। इससे विद्यालय के अंदर व बाहर अफरातफरी रही। कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात करनी पड़ी।
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डीएम ने कहा कि पूरी रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजी जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्घ सख्त कार्रवाई होगी। शाम होने से पहले आयुक्त व आईजी अयोध्या ने भी टांडा पहुंचकर हालात का जायजा लिया। इससे पहले पुलिस ने हंगामा करने के मामले में छह परीक्षार्थियों को हिरासत में लेकर उनका शांतिभंग में चालान कर दिया। उधर, देर शाम डीएम ने विद्यालय के केंद्र व्यवस्थापक व स्टेटिक मजिस्ट्रेट समेत अन्य को वहां से हटा दिया। उनके स्थान पर नए लोगों की ड्यूटी लगा दी गई है। डीएम ने कहा कि वे रविवार को एसपी के साथ संबंधित परीक्षा केंद्र पर जाकर सुचारु परीक्षा सुनिश्चित कराएंगे।
टीजीटी परीक्षा को लेकर शनिवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब किसान इंटर कॉलेज पकड़ी भोजपुर में परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों ने पेपर लीक होने का आरोप लगा दिया। परीक्षार्थियों का कहना था कि उन्हें संबंधित कक्ष में बैठाने के बाद आधे घंटे से अधिक समय तक पेपर व ओएमआर शीट नहीं दी गई। इसके बाद परीक्षार्थियों का आक्रोश उस समय भड़क गया, जब उन्हें यह आशंका हुई कि पेपर का बंडल खुला हुआ है। परीक्षार्थियों ने पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि कुछ छात्र-छात्राओं के लिए खास इंतजाम किया गया था।
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परीक्षार्थियों ने इसके बाद हंगामा करते हुए परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। एक-एक कर परीक्षार्थी कमरे से बाहर निकल आए और पेपर लीक करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। एसडीएम टांडा अभिषेक पाठक व सीओ संतोष कुमार मौके पर पहुंचे, लेकिन परीक्षार्थी तब तक धरने पर बैठ चुके थे। वे कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। एडीएम डॉ. पंकज वर्मा व एएसपी संजय राय भी कॉलेज पहुंचे, लेकिन धरने पर बैठे परीक्षार्थी परीक्षा देने को तैयार नहीं हुए।
थोड़ी ही देर में डीएम सैमुअल पॉल एन व एसपी आलोक प्रियदर्शी भी विद्यालय पहुंचे। उन्होंने परीक्षार्थियों को भरोसा दिलाया कि यदि कोई गड़बड़ी होगी तो कार्रवाई होगी। वे सब पहले परीक्षा दे लें। डीएम व एसपी ने एक-एक कर परीक्षार्थियों की बात सुनी, लेकिन परीक्षार्थी बहिष्कार पर अड़े रहे। नतीजा यह हुआ कि इस केंद्र पर गृह विज्ञान, कला, विज्ञान व संस्कृति की परीक्षा से जुड़े 600 परीक्षार्थियों ने प्रशिक्षित स्नातक परीक्षा छोड़ दी।
परीक्षार्थियों के धरना-प्रदर्शन को देखते हुए आसपास के थानों से भी पुलिस बल बुला लिया गया। मौके पर कई घंटे अफरातफरी रही। हंगामे को देखते हुए बड़ी तादाद में स्थानीय नागरिक भी वहां जुटे रहे। इनमें परीक्षार्थियों के अभिभावक भी शामिल थे।
जिला प्रशासन को मिली विद्यालय की मनमानी
पेपर लीक होने की सूचना व परीक्षार्थियों के हंगामे की सूचना पर डीएम व एसपी हालात को संभालने के लिए विद्यालय पहुंचे तो उन्हें वहां विद्यालय प्रशासन की कमियां देखने को मिलीं। परीक्षार्थियों ने पेपर लीक होने का जो आरोप लगाया, उसकी प्रारंभिक जांच डीएम ने की तो वहां प्रधानाचार्य ने बताया कि एक कमरे का सीसीटीवी खराब हो गया था। इसके चलते उस कमरे के परीक्षार्थियों को दूसरे कमरों में समायोजित किया गया। इसके चलते उन्हें पेपर आदि देने में जो अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी, इससे ही पेपर लीक होने की आशंका हुई। विद्यालय की तरफ से यह बताया गया कि अलग से कुछ परीक्षार्थियों के लिए विशेष प्रबंध का आरोप मनगढ़ंत है। हालांकि डीएम ने इस पूरे प्रकरण में प्रधानाचार्य की भूमिका अनुचित पाते हुए कहा कि उन्हें अपने मन से कक्ष का निर्धारण नहीं करना था। यदि सीसीटीवी खराब भी था तो कोई भी नया प्रबंध करने से पहले उसकी अनुमति अधिकारियों से ली जानी थी।
परीक्षार्थियों ने लगाए यह गंभीर आरोप
टीजीटी परीक्षा देने किसान इंटर कॉलेज पहुंचे परीक्षार्थियों का कहना था कि उन्हें लगभग 45 मिनट बाद उत्तर पुस्तिका दी गई। उसकी सील टूटी थी। पेपर व ओएमआर शीट देने में जानबूझकर विलंब किया गया, क्योंकि कुछ परीक्षार्थियों के लिए विशेष प्रबंध किया जा रहा था। नाराज परीक्षार्थियों ने कहा कि प्रशासन की तरफ से कुल 21 कमरों में परीक्षा देने के लिए व्यवस्था बनाई गई थी। लेकिन इसके बावजूद कक्ष संख्या-28 में विशेेष प्रबंध किए गए। जिला प्रशासन के पास कक्षा संख्या-28 में परीक्षा कराने के लिए कोई सूची नहीं थी। ऐसे में साफ जाहिर है कि वहां जानबूझकर प्रबंध किया गया और इसीलिए पेपर लीक कराया गया। उधर, विद्यालय की तरफ से इन आरोपों को बेबुनियाद व मनगढ़ंत बताते हुए कहा गया कि थोड़ी देर हुई थी। परीक्षार्थियों को यह कहा गया था कि पेपर उन्हें सौंपने में जो विलंब हुआ है, उतना अतिरिक्त समय उन्हें दिया जाएगा। इसके बावजूद कुछ परीक्षार्थी जानबूझकर माहौल खराब करने में जुटे रहे।
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