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सत्य के मार्ग पर चलना ही सबसे बड़ा तप

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राजेसुल्तानपुर। असत्य के मार्ग को छोड़कर सत्य के मार्ग पर चलना ही सबसे बड़ा तप है। धार्मिक आयोजन सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं होते, बल्कि उनसे बहुत सारी सकारात्मक बातें सीखकर जीवन को सफल बनाया जा सकता है। यह विचार श्रीरामलीला समिति मामपुर नरियांव की ओर से आयोजित रामलीला का शुभारंभ करते हुए वरिष्ठ सपा नेता व पूर्व सांसद त्रिभुवनदत्त ने प्रकट किए। पूर्व सांसद ने कहा कि रामलीला को देखने के साथ उसके आदर्शों को अपने अंदर समाहित भी करना जरूरी है।
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पूर्व सांसद ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच फीता काटकर रामलीला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। उनके संदेश को अपने अंदर धारण कर बेहतर समाज की स्थापना की जा सकती है। कहा कि रामलीला आयोजन का यही संदेश है कि अपने अंदर की बुराइयों को त्याग कर सत्य के मार्ग पर चलें।
कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने ऊंच-नीच, जाति-पांति, भेदभाव को समाप्त कर प्रत्येक मानव को समानता से देखने का कार्य किया। उन्होंने कहा था कि जातियां पेड़ पौधों में होती हैं। जानवरों में होती हैं। इंसानों में जातियां नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक इंसान बराबर है। इस मौके पर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष रवींद्र यादव, जिला पंचायत सदस्य अजित कुमार यादव, ब्लॉक प्रमुख विकास यादव, रामचंद्र वर्मा, राजेंद्र वर्मा, कल्लू वर्मा, अजय गौतम, रजनीकांत यादव, घनश्याम यादव आदि मौजूद रहे।
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