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रात में यात्री प्रतीक्षालय पर पुलिस का कब्जा

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अंबेडकरनगर के इस यात्री प्रतीक्षालय में लोहे का गेट लगाकर पुलिस ने सामने कर दी बैरीकेडिंग। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय के यात्री प्रतीक्षालय पर पुलिसकर्मियों ने रात के अंधेरे में अवैध ढंग से कब्जा कर ताला जड़ दिया। नगर पालिका परिषद द्वारा बनवाए गए यात्री प्रतीक्षालय में रातों रात लोहे का गेट लगा दिया गया। सुबह जब यात्री पहुंचे तो गेट लगा और ताला लटका देख हैरान रह गए। नागरिकों और यात्रियों ने कड़ी नाराजगी जताई। इसके बावजूद वहां शनिवार को दिन में पुलिस ने बकायदा कुर्सी मेज लगा डाली। मामले को तूल पकड़ता देख मेज आदि हटवाई गई। पुलिस के इस रवैए से नाराज नागरिकों और यात्रियों ने सीएम और डीजीपी के संज्ञान में पुलिस की करतूत लाने की बात कही है।
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जिला मुख्यालय का पुराना तहसील तिराहा प्रमुख क्षेत्र में शामिल है। यहीं से नागरिक अलग अलग क्षेत्रों के लिए राज्य परिवहन निगम की बस और टैक्सी से आवागमन करते हैं। वर्षों पूर्व नगर पालिका परिषद ने यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया था, शुक्रवार रात पुलिसकर्मियों ने चुपके से प्रतीक्षालय में लोहे का गेट लगवाकर ताला जड़ दिया। सुबह जब यात्री पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर हैरान रह गए। स्थानीय नागरिक भी पहुंचे तो वे भी पुलिस की करतूत पर नाराज दिखे। प्रतीक्षालय में ताला जड़ा होने के कारण यात्रियों को बाहर खड़े होने को विवश होना पड़ा। इन सबके बीच हल्की बारिश भी शुरू हो गई, कई यात्री भीग गए। इनमें महिला और बुजुर्ग यात्री भी शामिल थे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पुलिसकर्मी एक दो दिन से नाप जोख करवा रहे थे तो लगा शायद अतिक्रमण आदि के लिए कोई प्रक्रिया चल रही हो। शुक्रवार रात के अंधेरे में चुपके से गेट लगवा देने के बाद पुलिस की असली करतूत सामने आ सकी। नागरिकों और यात्रियों ने पुलिस के अवैध कब्जे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह मनमानी का परिणाम है।
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अधिवक्ता सर्वेश त्रिपाठी ने कहा कि लगभग 10 कदम पर ही पुलिस चौकी स्थित है, वहां से कामकाज निपटाया जा सकता है। यात्री प्रतीक्षालय पर कब्जा सिर्फ मनमानी है। व्यापारी संतोष वर्मा ने कहा कि जब पुलिस चौकी बगल में है। सीओ कार्यालय बड़े परिसर के साथ यात्री प्रतीक्षालय के ठीक पीछे है तो फिर इस तरह अवैध कब्जे क्यों। यात्री रेखा और प्रतीक ने कहा कि पुलिस से ऐसी घटिया और निम्न स्तर की करतूत की उम्मीद नहीं थी।
रात में क्यों लगाया गेट
पुलिस कर्मियों द्वारा रात के अंधेरे में किये गए अवैध कब्जे को लेकर खूब सवाल सोशल मीडिया पर खड़े हो रहे। यूजर्स ने लिखा कि जिन पर रात के अंधेरे में काली करतूत रोकने की जिम्मेदारी है, वही लोग रात के अंधेरे में यह सब कर रहे। एक यूजर्स ने लिखा कि सीसीटीवी फुटेज निकलेगी तो पुलिस टीम यह जवाब नहीं दे पाएगी कि रात में गेट क्यों लगवाया। एक यूजर्स ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब पुलिस में भी दिन के उजाले में अवैध कब्जे की हिम्मत नहीं रही क्या। कई यूजर्स ने कहा कि प्रकरण को जल्द ही सीएम और डीजीपी के संज्ञान में लाया जाएगा ट्वीट कर और ज्ञापन भेजकर।
एसपी को भी कुछ पता नहीं
रात के अंधेरे में गेट लग कर ताला लग गया, लेकिन एसपी से लेकर कोतवाल को कुछ पता न चलना ज्यादा अचरज भरा है। एसपी आलोक प्रियदर्शी बोले कि पुलिस ऐसा क्यों करेगी, वह नगर परिषद का है तो वह लोग जानें। कोतवाल अमित सिंह ने कहा कि कि पता लगवाया जाएगा कि किसने अवैध गेट लगवाया है।
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