अंबेडकरनगर। जिले के 42 केंद्रों पर मंगलवार को प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) कराई जाएगी। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित इस परीक्षा में 19 हजार 922 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को सकुशल निपटाने के लिए एक तरफ जहां 6 जोनल मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है, तो वहीं 42 सीसीटीवी पर्यवेक्षक को भी तैनात किया गया है। परीक्षा को कुशलतापूर्वक निपटाने के लिए सोमवार को ही सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं। इस बीच सभी 42 केंद्राध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन कराए जाने की सभी जरूरी व्यवस्था की जाए। न सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए, बल्कि मास्क की अनिवार्यता भी सुनिश्चित की जाए।
जिले में दो पालियों में होने वाली पीईटी को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर लीं। 42 केंद्रों पर होने वाली परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए 6 जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। डीआईओएस कार्यालय के लिपिक राजेश कुमार ने बताया कि परीक्षा को सकुशल निपटाने व किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए 6 जोनल मजिस्ट्रेट के साथ ही 18 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 42 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 42 सीसीटीवी पर्यवेक्षक व 42 केंद्राध्यक्षों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 42 सहायक केंद्राध्यक्ष भी लगाए गए हैं।
दो पालियों में होगी परीक्षा
डीआईओएस कार्यालय के लिपिक राजेश कुमार ने बताया कि 42 केंद्रों पर कुल 19 हजार 922 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। ऐसे में यदि किसी केंद्र पर 500 से अधिक परीक्षार्थी होंगे, तो एक अतिरिक्त स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12 बजे, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा अपराह्न 3 से शाम 5 बजे तक होगी। परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए संबंधित परीक्षा केंद्र पर पुलिस कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।
आधा घंटा बंद हो जाएगा प्रवेश
एडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि पीईटी को सकुशल निपटाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। आयोग के निर्देशानुसार परीक्षा प्रारंभ होने के दो घंटे पहले से ही परीक्षार्थियों का प्रवेश शुरू कर दिया जाएगा। आधा घंटा पहले केंद्र के मुख्य गेट को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थियों की मौजूदगी में प्रश्नपत्र के लिफाफे को खोला जाएगा। साथ ही संबंधित कक्ष में ही परीक्षा समाप्त होने के बाद लिफाफे को सील किया जाएगा। परीक्षा केंद्र कोड कक्ष निरीक्षक द्वारा बताए जाने के बाद ही परीक्षार्थी प्रश्नपत्र पर लिख सकेंगे।