फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोग परेशान, समस्या का नहीं हो रहा निदान

विज्ञापन
विज्ञापन
ंबेडकरनगर। लोगों की समस्याएं प्राथमिकता के साथ निस्तारण को लेकर शासन की तमाम कोशिशें परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। इसके पीछे बड़ा कारण ग्राम स्तरीय कर्मचारियों की मनमानी है। भूमि विवाद से जुड़े मामलों में अक्सर लेखपालों व कानूनगो की ओर से मनमाने ढंग से रिपोर्ट लगाने तथा मौके पर जाने के बावजूद सही स्थिति अधिकारियों के संज्ञान में न लाने के चलते तमाम समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा।
विज्ञापन

नतीजा यह है कि किसी को भूमि पर कब्जा नहीं मिल पा रहा है तो किसी को पैमाइश के लिए भटकना पड़ रहा है। तहसीलों से लेकर थानों तक में की जाने वाली तमाम फरियाद अनसुनी होकर रह जा रही हैं। संपूर्ण समाधान दिवसों में आने वाली शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों का रवैया तो सख्त दिखता है, लेकिन मातहतों की मनमानी से पीड़ितों को न्याय मिल पाना अब भी पूरी तरह से संभव नहीं हो पा रहा है। शनिवार को जिले की पांच तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। इसमें ऐसे तमाम फरियादी पहुंचे जो वर्षों से समस्याओं को दूर कराने के लिए भटक रहे हैं।
पांच बार शिकायत, नहीं हटा कब्जा
मुरवाह निवासी पवित्रा देवी ने कहा कि उसकी पुश्तैनी भूमि पर विपक्षियों ने कब्जा कर रखा है। उसके पति का निधन बीती मार्च में हो गया था। इसके बाद जब उसने संबंधित खेत में धान की रोपाई करने का प्रयास किया, तो विपक्षियों ने उसे रोक दिया। इससे वह धान की रोपाई करने से वंचित हो गई। इसकी शिकायत पांच बार वह जिम्मेदारों से कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। इससे विपक्षियों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार उसे धमकी दे रहे हैं।
विज्ञापन

छह बार की फरियाद, नहीं हुई सुनवाई
जलालपुर तहसील मुख्यालय पर शिकायत दर्ज कराकर बाहर निकल रही रतना गांव निवासी सीमा गिरि ने कहा कि उसका परिवार लंबे समय से दिल्ली में रह रहा था। लगभग दो वर्ष पूर्व ही वे सभी गांव आए हैं। यहां जानकारी मिली कि उसकी भूमि पर विपक्षियों ने कब्जा कर रखा है। इतना ही नहीं, उसके घर की जलनिकासी भी विपक्षियों ने रोक दी है। इसकी शिकायत जब उसने विपक्षियों से की, तो उनके द्वारा सभी की पिटाई की गई। संपूर्ण समाधान दिवस के अलावा वह एसडीएम के साथ ही थाने में भी छह बार शिकायत कर चुकी है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
12 बार लगाई गुहार, नतीजा शून्य
जलालपुर तहसील मुख्यालय पर शिकायत करने के लिए आए मुरवाह निवासी अनिल कुमार ने कहा कि वह एक दर्जन से अधिक बार शिकायत दर्ज करा चुका है, लेकिन अब तक उसकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका है। कहा कि गांव में ग्राम पंचायत की भूमि पर गांव के ही कुछ व्यक्तियों ने कब्जा कर रखा है। और तो और खलिहान के अलावा नालियों व सार्वजनिक रास्तों पर भी कब्जा कर रखा है। शिकायत के बाद भी किसी भी प्रकार की कार्रवाई न होने से विपक्षियों के हौसले बुलंद हैं।
अवैध कब्जे में नहीं हुई कार्रवाई
भीटी तहसील मुख्यालय पर मिले बीबीपुर रंडौली निवासी छोटेलाल ने कहा कि उसके पुश्तैनी घर के ज्यादातर भाग पर विपक्षियों ने कब्जा कर रखा है। पिछले दो वर्ष से वह इसकी शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस के साथ ही थाने में वह एसडीएम से कर चुका है, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। जब इसका विरोध किया जाता है, तो विपक्षियों द्वारा विभिन्न प्रकार की धमकी दी जाती है।
कब्जा हटवाने को दो साल से लगा रहे चक्कर
भीटी तहसील मुख्यालय पर शिकायत दर्ज कराने के लिए आए वाजिदपुर निवासी गंगाराम ने कहा कि चकबंदी के दौरान उसका चक अलग कर दिया गया। जो चक मिला है, उस पर विपक्षियों का कब्जा पूर्व से ही बना हुआ था। अब जबकि संबंधित चक उसे मिला है, लेकिन इसके बाद भी विपक्षियों द्वारा चक से कब्जा नहीं छोड़ा जा रहा है। इसकी शिकायत वह 10 बार कर चुका है। पिछले दो वर्ष से वह दौड़ रहा है, लेकिन अब तक उसे संबंधित भूखंड पर कब्जा नहीं मिल सका है। बड़ी उम्मीद के साथ आए हैं। इस बार शायद उसे न्याय मिल ही जाए।
स्टे के बाद भी अवैध कब्जा
अकबरपुर तहसील मुख्यालय पर संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे नसीरपुर कैथी गांव निवासी गिरिजापति ने कहा कि उसका पुश्तैनी 2 बीघा भूखंड है। इस भूखंड पर स्टे भी है, लेकिन विपक्षियों द्वारा कब्जा किया गया है। इसके लिए वह अब तक पांच बार शिकायत दर्ज करा चुका है, लेकिन उसकी समस्या का निस्तारण नहीं किया जा सका है। जब इसका विरोध किया जाता है, तो जान से मारने की धमकी भी दी जाती है।
डेढ़ वर्ष में नहीं हो सकी पैमाइश
अकबरपुर तहसील मुख्यालय पर शिकायत दर्ज करा बाहर निकल रहे अहेथा निवासी राजेश यादव ने कहा कि उनकी गांव में सात बिस्वा भूमि है। इस पर विपक्षियों का कब्जा है। डीएम ने संबंधित भूखंड की पैमाइश का भी निर्देश दे रखा है, लेकिन डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है अब तक पैमाइश नहीं हो सकी है। इसकी शिकायत आधा दर्जन बार वह जिम्मेदारों से कर चुका है, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
तेजी से कराया जा रहा निस्तारण
संपूर्ण समाधान दिवसों में आने वाली समस्याओं का निस्तारण तेजी से कराया जा रहा है। सभी तहसीलों को स्पष्ट निर्देश है कि शिकायतों का प्रभावी निस्तारण हो। शिकायतों के निस्तारण की प्रगति डीएम की तरफ से स्वयं चेक की जा रही है। ऐसे में सभी जगहों से प्राथमिकता के साथ निस्तारण हो रहा है।
विज्ञापन

-डॉ. पंकज कुमार वर्मा, एडीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें