अंबेडकरनगर। राइस मिलों की संबद्धता न होना धान खरीद पर भारी पड़ रही है। संबद्धता न होने से एजेंसियों की ओर से धान खरीद को लेकर हिचकिचाहट दिखाई जा रही है। इसका नतीजा यह है कि धान खरीद शुरू हुए एक सप्ताह से अधिक बीत गया है, लेकिन अब तक धान खरीद का कार्य जिले में गति नहीं पकड़ सका है। इक्का-दुक्का किसानों का ही धान क्रय केंद्रों पर खरीदा जा सका है। छह एजेंसियों के जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित 62 क्रय केंद्रों पर ज्यादातर समय सन्नाटा ही पसरा रहता है।
धान बिक्री करने में किसानों को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 6 एजेंसियों के 62 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही एक नवंबर से क्रय केंद्रों पर धान खरीद का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया। किसानों को धान बिक्री करने में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए शासन स्तर से जिम्मेदारों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए थे। हालांकि तमाम दिशा निर्देशों के बावजूद जिले में धान खरीद का कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण राइस मिलों की संबद्धता न होना बताया जा रहा है।
धान की कुटाई के लिए विगत वर्ष 85 राइस मिल नामित एजेंसियों से संबद्ध थे। विभिन्न मांगों को लेकर राइस मिल मालिक फिलहाल एजेंसियों से धान लेने को लेकर हाथ खड़े किए हुए हैं। ऐसे में अब तक संबद्धता नहीं हो सकी है। इसके चलते नामित एजेंसियों के क्रय केंद्र प्रभारियों में धान खरीदने में हिचकिचाहट बनी हुई है। इसी का नतीजा है कि धान खरीद प्रारंभ हुए एक सप्ताह से अधिक बीत चुका है, लेकिन इक्का-दुक्का किसानों का ही धान क्रय केंद्रों की ओर से खरीदा जा सका है। इससे किसानों को उपज की बिक्री करने में विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्यादातर क्रय केंद्रों पर पसरा सन्नाटा
सहकारी समिति जलालपुर पर खरीद के लिए एक हजार बोरे तो उपलब्ध हैं, लेकिन खरीद कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। सोमवार को जब अमर उजाला टीम पहुंची, तो सचिव सतीराम मौजूद नहीं मिले। सहायक दयानंद तिवारी ने कहा कि हड़ताल के चलते धान की खरीद नहीं शुरू की जा सकी है। अहिरौली गोविंद साहब स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर मिले सचिव अयोध्या सिंह ने बताया कि धान में नमी होने के चलते धान की खरीद नहीं हो रही है। क्रय केंद्र बड़ागांव पर मिले किसान प्रदीप कुमार ने कहा कि वह क्रय केंद्र का चक्कर लगाते-लगाते थक गए। मजबूर होकर 1200 प्रति क्विंटल की दर से आढ़ती के हाथ 60 क्विंटल धान बेच दिया। क्रय केंद्र महरुआ पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा खराब मिला। सचिव संदीप दुबे ने कहा कि मशीन को दुरुस्त कराया जा रहा है। शीघ्र ही खरीद का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। साधन सहकारी समिति आशापुर कला में धान की खरीद नहीं हो रही थी। साधन सहकारी भीटी में मिले सचिव राकेश मिश्र ने कहा कि हड़ताल के चलते खरीद का कार्य नहीं हो रहा है। ज्यादा क्रय केंद्रों पर पूरे दिन सन्नाटा ही पसरा रहा।
दिए गए हैं जरूरी दिशा निर्देश
सभी एजेंसियों के क्रय केंद्र प्रभारियों को धान खरीद को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। उपज में नमी के चलते किसान धान लेकर क्रय केंद्र पर नहीं पहुंच रहे हैं। मिलों की संबद्धता भी नहीं हो सकी है। इसका प्रयास किया जा रहा है।
-राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी