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भूमि विवाद में युवक की हत्या से भड़का आक्रोश

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अंबेडकरनगर के पकड़ी भोजपुर में युवक की हत्या के बाद पथराव में क्षतिग्रस्त टांडा कोतवाली पुलिस क? - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। टांडा कोतवाली क्षेत्र के पकड़ी भोजपुर बाजार में भूमि विवाद में सोमवार को एक युवक की फावड़े से हत्या के बाद आक्रोश भड़क उठा। ग्रामीणों ने आरोपियों के घर को चारों तरफ से घेर कर उन्हें पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी। आरोपियों ने ग्रामीणों व पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। बाद में पुलिस कर्मियों ने साहस का परिचय देते हुए घर के पिछले हिस्से से चढ़कर मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से मुख्य आरोपी व उसका एक बेटा पुलिस की गोली से घायल हो गये।
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टांडा कोतवाली अंतर्गत पकड़ी भोजपुर बाजार में सोमवार दोपहर उस समय अफरातफरी मच गई जब भूमि विवाद को लेकर फावड़े से स्थानीय निवासी अंकित यादव (34) की हत्या कर दी गई। लगभग एक दशक से पकड़ी भोजपुर के ठिकवा निवासी अंकित यादव व पकड़ी भोजपुर बाजार निवासी राजेंद्र के बीच भूमि विवाद है। सोमवार सुबह बाजार के निकट स्थित खेत की मेड़ व फसल काटने को लेकर खेत के निकट ही अंकित के परिवारीजनों तथा राजेंद्र व उनके परिवारीजनों के बीच कहासुनी हो गई। इसकी जानकारी अंकित को हुई तो वह पकड़ी भोजपुर बाजार स्थित राजेंद्र के घर पहुंचा और अपने परिवार के सदस्यों के साथ अनायास की कहासुनी का आरोप लगाते हुए नाराजगी प्रकट करने लगा।
अंकित ने जैसे ही शिकायत शुरू की राजेंद्र व उसके पुत्र हमलावर हो गये। घर में रखे फावड़े से उस पर ताबड़तोड़ कई प्रहार किए। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाजार में अफरातफरी मच गई। इसी बीच अंकित के परिवारीजन भी वहां पहुंच गये। अंकित का शव देख ग्रामीणों में आक्रोशित हो उठे। उन्होंने राजेंद्र का घर घेर लिया। खुद को घिरा देख राजेंद्र व उसके पुत्र घर की छत पर पहुंच गये और वहां बने एक कमरे से फायरिंग शुरू कर दी। इसी बीच टांडा कोतवाली पुलिस समेत कई अन्य थानों की फोर्स वहां पहुंच गई। बाद में किसी तरह तीनों मुख्य आरोपियों को पुलिस कर्मियों ने पकड़ लिया।
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हत्या के आरोपियों को जीप से उतार कर पीटा
हत्यारोपियों को जब पुलिस कर्मी जीप में ले जा रहे तो नाराज ग्रामीणों ने एक आरोपी को पुलिस जीप से जबरन उतार लिया और पीटना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आक्रोश इतना था कि पुलिस कर्मियों को कदम पीछे खींचने पड़े। इसके बाद पुलिस कर्मी आगे बढ़े तो उन पर पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया। इसके बाद हवाई फायरिंग करनी पड़ी। स्थिति नियंत्रित होते ही तीनों आरोपियों को मौके से निकालकर पहले टांडा सीएचसी फिर जिला अस्पताल भेजा गया। मामले में अंकित के भाई रवि की तहरीर पर राजेंद्र व उनके दोनों पुत्रों अमिलेश यादव व अवधेश यादव समेत तीन अन्य परिवारीजनों के खिलाफ टांडा कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया गया है।
मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपी
पकड़ी भोजपुर में युवक की हत्या के बाद जब आरोपी अपने घर में छिपे थे और लगातार फायरिंग कर रहे थे तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें पकड़ने के लिए साहस का परिचय दिया। टांडा कोतवाली, अलीगंज थाना व स्वॉट टीम के जवान घर के पिछले हिस्से से सीढ़ी के सहारे छत पर बने कमरे में पहुंच गए और आरोपियों को आत्मसमर्पण के लिए ललकारा। उनके न मानने पर पुलिस कर्मियों ने जवाबी फायरिंग की। इसमें राजेंद्र व उसके एक पुत्र अमिलेश के पैर में गोली लग गई। पुलिस कर्मी इस पर घर में घुस गए और राजेंद्र व अमिलेश के अलावा राजेंद्र के दूसरे पुत्र अवधेश को भी पकड़ लिया।
पुलिस कर्मियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
युवक की हत्या से बौखलाई भीड़ राजेंद्र व उनके परिवार के सदस्यों को सबक सिखाने के मूड में थी। ग्रामीणों ने घर को घेरकर आरोपियों को पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी थी। इसी बीच पहुंची पुलिस टीम के सामने दोहरी चुनौती थी। उसे एक तरफ जहां लगातार फायरिंग कर रहे आरोपियों को पकड़ना था, वहीं आक्रोशित भीड़ से आरोपियों व उनके परिवारीजनों को भी बचाना था। हालात की गंभीरता को देख एसपी आलोक प्रियदर्शी कुछ देर में ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस अफसरों समेत थाना प्रभारियों व पुलिस कर्मियों की बड़ी फौज मौके पर उतार दी। इसके बाद भी हालात को काबू में करना आसान नहीं हो रहा था। अधिकारियों ने तय किया कि आक्रोशित ग्रामीणों को समझाते हुए पहले आरोपियों को काबू में किया जाए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि घर के दरवाजे आदि तोड़कर आरोपियों के परिवार की महिलाओं व बच्चों के साथ कोई हादसा भीड़ न करने पाए। इसमें सफलता भी मिली। आरोपियों को मुठभेड़ में पकड़ने के साथ ही उनके परिवार की महिलाओं व बच्चों को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित घर से निकाल कर टांडा कोतवाली पहुंचाया गया। पुलिस कर्मियों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
पथराव से पुलिस की जीप क्षतिग्रस्त
अंकित की हत्या के बाद जब पुलिस कर्मी आरोपियों को पकड़ कर ले जा रहे थे, तब नाराज ग्रामीणों ने आरोपियों को खुद के हवाले करने पर जोर देना शुरू कर दिया। वे पहले से ही आरोपियों को सबक सिखाने पर उतारू थे। पुलिस कर्मी तीनों आरोपियों को सुरक्षित वहां से निकालने की कोशिश में जुटे रहे। ग्रामीणों का आक्रोश शांत करने के लिए मुठभेड़ की भी कार्रवाई को अंजाम दिया। इसके बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। आरोपियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश के दौरान ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। उन्होंने पुलिस कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। इसमें टांडा कोतवाली पुलिस की एक जीप क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि एक सिपाही को भी चोट आई। ग्रामीण इसलिए भी नाराज थे कि क्योंकि हत्या के बाद आरोपियों की ओर से की जा गई फायरिंग में एक युवक विधान को भी गोली के छर्रे लग गए थे। ग्रामीणों के पथराव को रोकने के लिए पुलिस ने पहले लाठियां पटकीं, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। कई चक्र हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। तब जाकर हालात काबू में आए।
इनसेट-2
मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपी
पकड़ी भोजपुर में युवक की हत्या के बाद जब आरोपी अपने घर में छिपे थे और लगातार फायरिंग कर रहे थे तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें पकड़ने के लिए साहस का परिचय दिया। टांडा कोतवाली, अलीगंज थाना व स्वॉट टीम के जवान घर के पिछले हिस्से से सीढ़ी के सहारे छत पर बने कमरे में पहुंच गए और आरोपियों को आत्मसमर्पण के लिए ललकारा। उनके न मानने पर पुलिस कर्मियों ने जवाबी फायरिंग की। इसमें राजेंद्र व उसके एक पुत्र अमिलेश के पैर में गोली लग गई। पुलिस कर्मी इस पर घर में घुस गए और राजेंद्र व अमिलेश के अलावा राजेंद्र के दूसरे पुत्र अवधेश को भी पकड़ लिया।
पुलिस कर्मियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
युवक की हत्या से बौखलाई भीड़ राजेंद्र व उनके परिवार के सदस्यों को सबक सिखाने के मूड में थी। ग्रामीणों ने घर को घेरकर आरोपियों को पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी थी। इसी बीच पहुंची पुलिस टीम के सामने दोहरी चुनौती थी। उसे एक तरफ जहां लगातार फायरिंग कर रहे आरोपियों को पकड़ना था, वहीं आक्रोशित भीड़ से आरोपियों व उनके परिवारीजनों को भी बचाना था। हालात की गंभीरता को देख एसपी आलोक प्रियदर्शी कुछ देर में ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस अफसरों समेत थाना प्रभारियों व पुलिस कर्मियों की बड़ी फौज मौके पर उतार दी। इसके बाद भी हालात को काबू में करना आसान नहीं हो रहा था। अधिकारियों ने तय किया कि आक्रोशित ग्रामीणों को समझाते हुए पहले आरोपियों को काबू में किया जाए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि घर के दरवाजे आदि तोड़कर आरोपियों के परिवार की महिलाओं व बच्चों के साथ कोई हादसा भीड़ न करने पाए। इसमें सफलता भी मिली। आरोपियों को मुठभेड़ में पकड़ने के साथ ही उनके परिवार की महिलाओं व बच्चों को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित घर से निकाल कर टांडा कोतवाली पहुंचाया गया। पुलिस कर्मियों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
पथराव से पुलिस की जीप क्षतिग्रस्त
अंकित की हत्या के बाद जब पुलिस कर्मी आरोपियों को पकड़ कर ले जा रहे थे, तब नाराज ग्रामीणों ने आरोपियों को खुद के हवाले करने पर जोर देना शुरू कर दिया। वे पहले से ही आरोपियों को सबक सिखाने पर उतारू थे। पुलिस कर्मी तीनों आरोपियों को सुरक्षित वहां से निकालने की कोशिश में जुटे रहे। ग्रामीणों का आक्रोश शांत करने के लिए मुठभेड़ की भी कार्रवाई को अंजाम दिया। इसके बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। आरोपियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश के दौरान ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया। उन्होंने पुलिस कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। इसमें टांडा कोतवाली पुलिस की एक जीप क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि एक सिपाही को भी चोट आई। ग्रामीण इसलिए भी नाराज थे कि क्योंकि हत्या के बाद आरोपियों की ओर से की जा गई फायरिंग में एक युवक विधान को भी गोली के छर्रे लग गए थे। ग्रामीणों के पथराव को रोकने के लिए पुलिस ने पहले लाठियां पटकीं, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। कई चक्र हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। तब जाकर हालात काबू में आए।

अंबेडकरनगर के पकड़ी भोजपुर में युवक की हत्या के बाद मौके पर हालात को काबू में करते पुलिस कर्मी।- फोटो : AMBEDKAR NAGAR

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