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कॉलेजों में 50 फीसदी ही पहुंच रहे छात्र

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अंबेडकरनगर। कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी को देखते हुए शासन के निर्देश पर कक्षा 9 से ऊपर की कक्षाओं का संचालन तो प्रारंभ कर दिया गया, लेकिन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। ज्यादातर कॉलेजों में 50 प्रतिशत भी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति नहीं हो पा रही है तो वहीं कुछ कॉलेजों में बमुश्किल 25 प्रतिशत ही छात्र-छात्राएं पहुंच रहे हैं। दरअसल कोरोना संक्रमण को देखते हुए अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि अभी कुछ दिन और ऑनलाइन शिक्षा दी जानी चाहिए।
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देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी होने पर बीते दिनों ही शासन ने सात फरवरी से कक्षा 9 से ऊपर की कक्षाओं का संचालन किए जाने का निर्देश दिया था। शीतलहर व कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक जनवरी से स्कूल, कॉलेजों व शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया था। इस बीच देश के साथ प्रदेश में भी कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी होने पर शासन ने 7 फरवरी से कक्षा 9 से ऊपर की कक्षाओं के संचालन की अनुमति प्रदान कर दी थी। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 373 इंटर कॉलेज संचालित हैं।
इस बीच कॉलेज तो खुल गए, लेकिन शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। ज्यादातर कॉलेजों में 50 प्रतिशत भी उपस्थिति नहीं हो रही, तो कुछ कॉलेज ऐसे भी हैं, जहां छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बमुश्किल 25 प्रतिशत ही हो रही है। अकबरपुर नगर स्थित बीएन इंटर कॉलेज में 1650 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, लेकिन दूसरे दिन जहां लगभग 350 छात्र-छात्राएं कॉलेज पहुंचे, तो वहीं तीसरे दिन 9 फरवरी को भी संख्या में वृद्धि नहीं हो सकी। अकबरपुर पब्लिक स्कूल लोरपुर ताजन में भी बमुश्किल 50 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही विद्यालय पहुंच सके। इसी प्रकार डॉ. अशोक स्मारक इंटर कॉलेज अकबरपुर, सैनिक इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज समेत अन्य कॉलेजों में भी छात्र-छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति नहीं सुनिश्चित हो पा रही है।
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हिम्मत नहीं जुटा पा रहे अभिभावक
कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने के बाद भी अभिभावक अपने बच्चों को कॉलेज भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अकबरपुर की वंदना ने कहा कि कोरोना के मामलों में कमी जरूर हुई है, लेकिन अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में बच्चे को कॉलेज भेजने में कुछ डर द्यद्म लगता है। कॉलेज प्रशासन को चाहिए कि ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन शिक्षा दिए जाने की व्यवस्था करें, जिससे जो बच्चे ऑफलाइन शिक्षा नहीं लेना चाहते, वे ऑनलाइन शिक्षा हासिल करें। मीरानपुर की सीमा ने कहा कि उनका भतीजा कक्षा नौ का छात्र है। उसकी आयु 14 वर्ष से कम है। ऐसे में अभी उसे टीका नहीं लग सका है। इससे उसे कॉलेज भेजने की हिम्मत नहीं हो रही है। अभी कुछ दिन और ऑनलाइन पढ़ाई होनी चाहिए। शहजादपुर के दीपकुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण कम होने से राहत तो मिली है, लेकिन अभी कुछ दिन और भी कॉलेज नहीं खोलने चाहिए थे। ऑनलाइन ही पढ़ाई होनी चाहिए।
बढ़ रही बच्चों की संख्या
विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। सभी कॉलेज के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को कोविड प्रोटोकॉल के बीच शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति तय हो सके, इसके लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं।
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-प्रवीण मिश्र, डीआईओएस
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