सुरक्षा कानून लागू किए जाने की मांग करते राजकीय मेडिकल कालेज के मेडिकल छात्र - संवाद
सद्दरपुर (अंबेडकरनगर)। कोलकाता में महिला चिकित्सक की हत्या के विरोध में बुधवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के मेडिकल छात्र-छात्राओं ने परिसर में प्रदर्शन किया, इससे ओपीडी प्रभावित हुई। उनकी मांग थी कि मेडिकल छात्र-छात्राओं व चिकित्सकों को सुरक्षा देने के लिए नया कानून लाया जाए और आरोपी को फांसी की सजा दी जाए।
कोलकाता कांड को लेकर मौजूदा समय में समूचे देश में धरना-प्रदर्शन हो रहा है। जगह-जगह चिकित्सक धरना-प्रदर्शन करते हुए आरोपी को फांसी की सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में मेडिकल छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ओपीडी में पहुंचकर पंजीकरण का कार्य रोक दिया। लगभग पूरे दिन पंजीकरण का कार्य बाधित होता रहा। इसी का नतीजा रहा कि सामान्य दिनों में जहां लगभग दो हजार मरीजों की ओपीडी हुआ करती थी तो वहीं बुधवार को 955 मरीजों की ओपीडी हुई।
इस बीच चिकित्सकों ने कोलकाता कांड की निंदा करते हुए कहा कि जिस प्रकार से महिला चिकित्सक की नृशंस हत्या की गई है उसने समूचे देश को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी को फांसी की सजा दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसे लेकर जिम्मेदारों को ठोस कदम उठाना चाहिए। कहा कि चिकित्सकों व मेडिकल छात्रों को सुरक्षा प्रदान करने को लेकर विशेष कानून बनाया जाए। इसका सख्ती से पालन भी कराया जाए।
इस बीच चिकित्सकों के प्रदर्शन से बार-बार ओपीडी प्रभावित होती रही। कई मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। छज्जापुर के इरफान ने कहा कि वे बुखार से पीड़ित हैं। इलाज के लिए यहां आए थे लेकिन बिना इलाज लौटना पड़ा। इसी प्रकार शुकुलबाजार से आई शीला ने कहा कि उनके पैर में चोट लगी है। इलाज के लिए आए थे लेकिन प्रदर्शन के चलते इलाज नहीं हो सका, अब वापस जाना पड़ रहा है।