अंबेडकरनगर। जिले में सोमवार शाम से शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। सुबह से ही बरसात शुरू हो गई, जो लगभग पूरे दिन रुक-रुककर होती रही। इससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया। जिला मुख्यालय से लेकर अन्य नगरीय क्षेत्रों में जहां जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई, तो वहीं कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी बेपटरी हो गई। इससे उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
जिले में सोमवार शाम से ही बारिश का दौर शुरू हो गया था। कुछ क्षेत्रों में तेज, तो कहीं हल्की बारिश हुई थी। लगभग पूरी रात बरसात होती रही। उम्मीद थी कि मंगलवार को मौसम साफ हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लगभग पूरे दिन रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। बरसात से जिला मुख्यालय के साथ ही अन्य नगरीय क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव हो गया।
अकबरपुर-अयोध्या मार्ग, बस स्टेशन क्षेत्र, जिला अस्पताल के आसपास, कलेक्ट्रेट के निकट, सब्जी मंडी, पटेलनगर, भीटी बाजार, केदारनगर बाजार, महरुआ समेत कई अन्य क्षेत्रों में नाले का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। इससे नागरिकों को आवागमन में दिक्कतें हुईं। गंदे पानी से होकर गुजरने वालों ने इस बीच कड़ी नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि यदि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था बरसात से पहले कर दी गई होती, तो इस प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़ता।
बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराई
सोमवार शाम से हो रही बारिश से जिले के कई क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। जर्जर तारों के टूटने व ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के फुंकने से लगभग 35 हजार आबादी की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत मंगलवार को सुबह पेयजल को लेकर हुई। एक-एक बाल्टी पानी के लिए उपभोक्ताओं को इधर-उधर भटकना पड़ा। राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज, पदुमपुर, देवरिया बाजार, रामनगर, कटेहरी, भीटी, महरुआ, किछौछा, मिझौड़ा समेत कई अन्य क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बदतर विद्युत आपूर्ति का सामना करना पड़ा। उपभोक्ता रामकुमार, अजीत कुमार, इरफान, शहाब, नंदलाल, विनोद कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जर्जर उपकरणों को बदले जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
धान व गन्ना किसानों के खिले चेहरे
बारिश होने से गन्ना व धान किसानों के चेहरे खिल उठे। उनका कहना था कि यदि इसी प्रकार से समय-समय पर बारिश होती रहे, तो बेहतर उपज होगी। भीटी के गन्ना किसान रामबख्श व गयादीन ने कहा कि बारिश से गन्ना की फसल को लाभ तो है, लेकिन यदि हवा के साथ बारिश हुई, तो इससे गन्ना खेत में धराशायी हो जाएगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव उपज पर पड़ेगा। अकबरपुर के धान किसान सजीवन व आलोक कुमार ने कहा कि जिस प्रकार से समय-समय पर बारिश हो रही है, यदि इसी प्रकार का सिलसिला आगे भी जारी रहा, तो इससे धान की बेहतर उपज की उम्मीद है।