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अन्नदाताओं के साथ बर्बरता करना ठीक नहीं

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अंबेडकरनगर। लखीमपुर कांड को लेकर आम किसानों ने भी नाराजगी व चिंता जताई है। किसानों का कहना है कि वहां जिस तरह किसानों के साथ बर्बरता हुई, वह उचित नहीं है। लगभग सभी किसानों ने एक मत से मांग की कि सरकार को अविलंब कृषि बिल से जुड़ी मांग मान लेनी चाहिए। तमाम किसानों ने कहा कि अन्नदाताओं के साथ जिस तरह का अत्याचार किया जा रहा है, वह कतई ठीक नहीं है। किसानों के साथ बर्बरता से कुछ हासिल होने वाला नहीं है।
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लखीमपुर कांड को लेकर अमर उजाला ने सोमवार को अलग-अलग क्षेत्रों के किसानों व ग्रामीणों से बात की, तो उनमें घटना को लेकर पीड़ा दिखी। रामनगर के आमादरवेशपुर निवासी शैलेंद्र यादव ने कहा कि किसानों के साथ हुई बर्बरता की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। केंद्रीय मंत्री को पद से बर्खास्त करते हुए अविलंब गिरफ्तार किया जाए। किसानों के साथ जघन्य कृत्य किया गया है। मरथुआ सरैया निवासी ओमप्रकाश ने कहा कि नया कृषि कानून अविलंब वापस लिया जाना चाहिए। किसान लगातार अपने हक के लिए संघर्ष करते हुए मारे जा रहे हैं। यह अत्यंत चिंताजनक है।
जमुनीपुर के किसान रामसुरेश वर्मा का कहना था कि किसान अपने हक के लिए अडिग है। उसे उसका हक चाहिए। सरकार को जिद छोड़ किसानों की मांग पूरी करने की जरूरत है। मुजाहिदपुर टांडा के किसान नरेंद्रनाथ ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय हुआ है। यदि मांग पहले ही मान ली गई होती, तो ऐसे तमाम हादसे रोके जा सकते थे। गनेशपुर के काशीराम वर्मा ने कहा कि अन्नदाता के साथ अन्याय अत्यंत चिंताजनक है। किसान विरोधी कृत्य कतई नहीं होना चाहिए। लखीमपुर जैसे कांड लोकतंत्र के लिए अत्यंत शर्मनाक है।
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अरिया के किसान विजय वर्मा ने कहा कि सरकार ने सभी को दुखी कर रखा है। अन्नदाताओं के साथ व्यवहार अनुचित है। वैसे भी सरकार का जो रवैया है, उससे किसान हित में कोई खास उम्मीद नहीं की जा सकती। दोहरीपुर के किसान रामउजागिर ने कहा कि लखीमपुर में किसानों की हत्या का खामियाजा भुगतना होगा। इस घटना से सभी किसान दुखी हैं। सरकार को किसानों के साथ लड़ाई शोभा नहीं देती।
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