अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में निशुल्क ऑपरेशन की उम्मीदें तार-तार हो रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां सर्जरी से संबंधित तमाम सामान उपलब्ध नहीं है। साथ ही मरीजों को कई जरूरी दवाएं भी नहीं मिल पाती हैं। नतीजा यह है कि 3 हजार से लेकर 12 हजार रुपये तक का खर्च अलग-अलग ऑपरेशन के अनुसार मरीजों को करना पड़ता है। इस पर मरीजों व उनके तीमारदारों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मरीजों के हितों को देखते हुए जिम्मेदारों को ठोस कदम उठाने चाहिए।
जिला अस्पताल में किसी भी प्रकार का ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को ऑपरेशन से पहले जेब ढीली करनी पड़ रही है। समुचित ऑपरेशन की उम्मीद लेकर जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को तगड़ा झटका लग रहा है। दरअसल जिला अस्पताल में लंबे समय से ऑपरेशन किट ही नहीं है। नतीजा यह है कि ऑपरेशन कराने के लिए अस्पताल जाने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को निजी मेडिकल स्टोर से ऑपरेशन किट खरीदनी पड़ती है। इसमें उनके ऑपरेशन के अनुसार 3 हजार से लेकर 12 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं।
ऑपरेशन के लिए ग्लब्स, टांके का धागा, पेशाब नली, एनाबिन, हॉर्निया ऑपरेशन जाली, आर्थो प्लेट समेत कई अन्य प्रकार के ऑपरेशन से संबंधित उपकरणों की जरूरत पड़ती है। यह उपकरण लगभग एक वर्ष से जिला अस्पताल में नहीं हैं। कुछ दवाएं भी कई बार नहीं मिल पातीं है। ऐसे में मरीजों को इन सामग्रियों को बाहर से खरीदने को मजबूर होना पड़ता है। इससे अक्सर कई बार संबंधित मरीजों व उनके तीमारदारों के समक्ष असहज सी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। जिला अस्पताल में ऑपरेशन कराने के लिए 3 से 7 हजार रुपये खर्च करने वाले मरीजों से जब अमर उजाला टीम ने वार्ता की, तो उनका दर्द कुछ इस प्रकार से छलककर सामने आया।
ऑपरेशन कराने में खर्च हो गए 12 हजार
पैर में फ्रैक्चर होने पर जिला अस्पताल में ऑपरेशन कराने वाले बासगांव के रामचेत ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि जिला अस्पताल में ऑपरेशन के लिए के लिए पैसा खर्च करना पड़ेगा। पूरा ऑपरेशन होने में लगभग 12 हजार रुपये खर्च हुए। उन्हें सर्जरी से पहले ऑपरेशन किट खरीदकर लानी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारों को चाहिए कि ऑपरेशन की सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
मजबूरन निजी दुकान से खरीदी ऑपरेशन किट
जिला अस्पताल में यूट्रेस का ऑपरेशन कराने के लिए अस्पताल में भर्ती हुईं महरुआ की नूरबानो ने कहा कि ऑपरेशन से पहले उनसे सर्जरी किट लाने के लिए कहा गया था। मजबूरन परिवार के सदस्यों को निजी दुकान से ऑपरेशन किट खरीदनी पड़ी थी। ऑपरेशन में उसके लगभग 5 हजार रुपये खर्च हुए। नूरबानो ने कहा कि हम तो जिला अस्पताल में इस उम्मीद से पहुंचे थे कि यहां सभी जरूरी सुविधाएं मुफ्त में मिल जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
पथरी के ऑपरेशन में 3 हजार खर्च
सलाहुद्दीनपुर गांव निवासी वंशराजी ने कहा कि उसने जिला अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराया था। पहले तो यही जानकारी थी कि जिला अस्पताल में ऑपरेशन कराने पर किसी प्रकार का कोई खर्च नहीं होता, लेकिन जब ऑपरेशन के लिए भर्ती होना था, तो पहले ऑपरेशन किट खरीदनी पड़ी। इसमें लगभग 3 हजार रुपये खर्च हुए।
बाहर से लाया किट, तब हुआ ऑपरेशन
टांडा निवासी रामसिधार यादव ने कहा कि उसने हॉर्निया का ऑपरेशन जिला अस्पताल में कराया था। ऑपरेशन कराने जब पहुंचे, तो यह सुनकर तगड़ा झटका लगा कि उन्हें ऑपरेशन किट खरीदकर लानी होगी। हॉर्निया जाली तक जिला अस्पताल में नहीं उपलब्ध है। ऑपरेशन में लगभग 4 हजार रुपये का खर्च आया। कहा कि जिला अस्पताल में ऑपरेशन की समुचित व्यवस्था हो सके, इसके लिए अस्पताल प्रशासन को ठोस कदम उठाना चाहिए था।
आ गई है सभी जरूरी सामग्री
ऑपरेशन से जुड़ी सभी सामग्री उपलब्ध हो गई है। मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। गत दिवस कुछ दिक्कत थी, लेकिन अब सभी सामग्रियों को उपलब्ध करा लिया गया है।
- डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस