अंबेडकरनगर। कोयला संकट से जूझ रही एनटीपीसी टांडा में सिर्फ आधे दिन का कोयला बचा है। नतीजा यह है कि फेज वन की दो यूनिट से उत्पादन लगभग रोक दिया गया है जबकि शेष 2 यूनिट से भी बुधवार को उत्पादन रोक दिया जाएगा। कुल मिलाकर बुधवार से 4 यूनिट में 440 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप पड़ जाएगा। हालांकि 660 मेगावाट की फेज 2 इकाई से उत्पादन जारी रहेगा।
देश भर में छाए कोयला संकट से जिले के टांडा में स्थित विद्युत उत्पादन केंद्र एनटीपीसी पर भी बड़ा असर पड़ा है। यहां पिछले कई दिनों से लोड घटाकर जैसे-तैसे उत्पादन इकाइयों को चलाया जा रहा था। फेज 1 और फेज 2 मिलाकर 1100 मेगावाट बिजली का उत्पादन यहां होता है, लेकिन कोयला संकट ने यहां उत्पादन को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया है। एक दो रैक कोयला आ भी रहा है तो वह पर्याप्त साबित नहीं हो रहा। स्थिति दिन-प्रतिदिन इतनी बिगड़ती गई कि अब कोयले का अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है।
अब हालात यह है कि एनटीपीसी टांडा इकाई के पास मंगलवार देर शाम तक सिर्फ आधे दिन का कोयला बचा है। इसके चलते फेज एक की 2 इकाइयों का उत्पादन मंगलवार को लगभग ठप हो गया। शेष 2 इकाइयों से भी बुधवार को बिजली उत्पादन रोक दिया जाएगा। 110-110 मेगावाट की इन चार इकाइयों से बुधवार को उत्पादन पूरी तरह ठप हो जाने की पूरी संभावना है। एनटीपीसी सूत्रों के अनुसार मंगलवार को किसी तरफ लगभग 55 प्रतिशत लोड पर फेज एक की यूनिट चलाई गई लेकिन बुधवार को इन चार इकाइयों से उत्पादन नहीं हो पाएगा।
उधर फेज 2 के तहत लगी 660 मेगावाट की नई इकाई से भी उत्पादन की हालत ठीक नहीं है। मंगलवार को 660 मेगावाट के सापेक्ष अधिकतम लगभग 450 मेगावाट तक ही उत्पादन किया जा सका। इसमें भी गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है। एनटीपीसी सूत्रों का कहना है कि फेज 1 की इकाइयों से उत्पादित बिजली मंहगी पड़ती है। कोयले का संकट अलग से है। इसलिए फिलहाल इससे उत्पादन बुधवार को अस्थाई तौर पर ठप कर दिया जाएगा। फेज 2 की बिजली अपेक्षाकृत सस्ती पड़ने के कारण उसे चलाया जाएगा। लेकिन यदि समुचित कोयला न मिला तो 660 मेगावाट के उत्पादन पर भी ज्यादा असर पड़ेगा उधर, एनटीपीसी अधिकारियों ने कोयले के संकट की बात तो स्वीकार की लेकिन बोले कि अभी मंगलवार को सभी इकाई चलीं।