अंबेडकरनगर। लखीमपुर खीरी कांड के विरोध में मंगलवार को भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जलालपुर व टांडा में प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देकर कहा गया कि राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को जिस प्रकार से हिरासत में लिया गया है, वह अत्यंत निंदनीय है। न सिर्फ उन्हें तत्काल रिहा किया जाए, बल्कि लखीमपुर खीरी के दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। इस बीच जिले के कई पार्टी नेताओं ने पुलिस पर उन्हें हाउस अरेस्ट किए जाने का भी आरोप लगाया।
जलालपुर में जिला उपाध्यक्ष सुनील सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मंगुराडिला बाजार से पद मार्च करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार पर किसानों का उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया। कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना अत्यंत चिंताजनक व निंदनीय है। भारत के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। कहा गया कि लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह से लखीमपुर खीरी में सत्ता के नशे में चूर लोगों ने किसानों को कुचला है, उससे देश का लोकतंत्र शर्मिंदा हुआ है। बाद में न्यायिक मजिस्ट्रेट रामनरायन वर्मा को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर इमरान गाजी, सुशील गौतम, राजकुमार अग्रहरि, फराज, मोनी, साबिर आदि मौजूद रहे।
टांडा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सेवादल के पूर्व जिलाध्यक्ष रामत्रिलोकी के नेतृत्व में सलाहुद्दीन खान, मोहम्मद इब्राहिम, मकसूद अहमद, निर्मला देवी, अनिलचंद्र, रामकिशोर मोरिया, अलीम आदि ने तहसील मुख्यालय पर सांकेतिक प्रदर्शन करने के बाद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
उधर, सोमवार देर रात कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को उनके घर में ही नजरबंद कर दिया गया। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सै. मेराजुद्दीन किछौछवी व रामकुमार पाल, वरिष्ठ नेता गुलाम रसूल छोटू ने आरोप लगाते हुए कहा कि सोमवार देर रात पुलिस उनके घर पहुंच गई और हाउस अरेस्ट किए जाने की सूचना दी। कहा गया कि मंगलवार को लखीमपुर खीरी कांड को लेकर धरना-प्रदर्शन था, लेकिन ज्यादातर नेताओं को मंगलवार को लगभग पूरे दिन आवास में ही नजरबंद किए रखा। नेताओं ने कहा कि ऐसा कर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। चाहे जितना हाउस अरेस्ट कर लें, लेकिन लखीमपुर खीरी कांड समेत किसानों के उत्पीड़न के विरोध में आंदोलन जारी रहेगा।