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पौने चार लाख धान किसानों को मिलेगा लाभ

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अंबेडकरनगर। जिले के लगभग पौने चार लाख किसानों के लिए खुशखबरी है। शासन ने इस बार धान के समर्थन मूल्य में 72 रुपये की वृद्धि की है। बीते वर्ष जहां सरकार ने किसानों के धान का समर्थन मूल्य 1868 रुपये निर्धारित किया था, वहीं इस बार 72 रुपये की वृद्धि करते हुए समर्थन मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसान अधिक से अधिक संख्या में क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री कर सकें, इसके लिए ऑनलाइन पंजीयन का कार्य शुरू कर दिया गया है। आगामी एक नवंबर से जिले में धान की खरीद शुरू हो जाएगी।
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जिले में धान का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक लगभग एक लाख 17 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगभग पौने चार लाख किसान धान की खेती करते हैं। प्रति वर्ष क्रय केंद्रों पर धान की शत-प्रतिशत खरीद भी होती है। ऐसे में शासन की ओर से इस बार धान के समर्थन मूल्य में गत वर्ष के सापेक्ष 72 रुपये की वृद्धि की गई है। बीते वर्ष जहां सरकार ने धान खरीद के लिए प्रति क्विंटल 1868 रुपये समर्थन मूल्य निर्धारित किया था, वहीं इस बार सरकार ने 1940 रुपये समर्थन मूल्य घोषित किया है। प्रति वर्ष 50 रुपये समर्थन मूल्य में वृद्धि होती थी, लेकिन इस बार सरकार ने इसमें इजाफा कर दिया है। इससे किसानों में खुशी का माहौल है। शासन ने समर्थन मूल्य घोषित करने के साथ ही तैयारियों को समय रहते पूरा करने का दिशा निर्देश दिया है।
गत दिवस ही सुचारु धान खरीद के लिए शासन ने अपर जिलाधिकारी को प्रभारी अधिकारी भी नामित कर दिया है। साथ ही निर्देशित किया है कि जिले में धान खरीद को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। किसानों को धान बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराने के लिए कहा जाए, जिससे धान बिक्री में काश्तकारों को कोई दिक्कत न हो। साथ ही बिचौलियों की दखल रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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किसानों ने किया स्वागत
शासन की ओर से इस बार धान खरीद के लिए समर्थन मूल्य में वृद्धि किए जाने का किसानों ने स्वागत किया है। कटरिया सम्मनपुर निवासी किसान सजीवन जायसवाल, सालिकराम व सुनील शर्मा आदि ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने धान के समर्थन मूल्य में 72 रुपये की वृद्धि की है। उकरा गांव निवासी दिलीप सिंह ने सरकार द्वारा धान के समर्थन मूल्य में 72 रुपये की वृद्धि किए जाने के फैसले का स्वागत किया। कहा कि सरकार ने किसान हितों को देखते हुए फैसला लिया है, वह सराहनीय है। शासन-प्रशासन को खरीद में बिचौलिए के दखल को भी सख्ती से रोकने की जरूरत है। सरकार को दाम तो तय कर देती है, लेकिन खरीद के समय प्रभारियों की मनमानी किसानों पर भारी पड़ जाती है। इसी गांव के किसान बच्चूलाल ने भी सरकार के निर्णय को सराहनीय बताया। कहा कि सरकार को अन्य फसलों के दाम में वृद्धि करनी चाहिए। इससे किसानों की आय में वृद्धि हो सकेगी, और किसान तरक्की के पथ पर आगे बढ़ सकेंगे। वहीं कई किसानों ने बढ़ती महंगाई के सापेक्ष इसे नाकाफी बताया है। मरथुआ सरैया के किसान संतराम वर्मा व नरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को कम से कम 100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से वृद्धि करना चाहिए। मौजूदा समय में डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे धान फसल के उत्पादन में खर्च बढ़ गया है।
जल्द कर लिया जाएगा क्रय केेंद्रों का निर्धारण
धान खरीद को लेकर शासन की ओर से जो भी दिशा निर्देश दिया जाएगा, उसका गंभीरता से पालन कराया जाएगा। पंजीयन का कार्य शुरू हो चुका है। किसानों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। आने वाले समय में जल्द ही क्रय केंद्रों का निर्धारण कर लिया जाएगा। इस बार गत वर्ष के सापेक्ष 72 रुपये समर्थन मूल्य में वृद्धि हुई है।
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-राजेश कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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