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अब भी भरा बाढ़ का पानी, लोगों की बढ़ी परेशानी

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अंबेडकरनगर के नई सड़क शहजादपुर में दुकानों के सामने जलभराव तथा गंदगी से बढ़ी नागरिकों की मुश्कि? - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। तमसा नदी में आई बाढ़ का कहर तो कम हो गया, लेकिन बाढ़ प्रभावितों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। जिला मुख्यालय पर अभी भी जगह-जगह बाढ़ का पानी भरा हुआ है, जिसमें गंदगी व सड़न के चलते उठती दुर्गंध ने नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। जगह-जगह फैली गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप अचानक बढ़ गया है। इससे संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। बाढ़ ने नागरिकों को दोहरी मार दी है। एक तरफ जहां सड़ांध व गंदगी से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है, तो वहीं नई सड़क पर अभी भी जगह-जगह दुकानों के निचले भाग में पानी भरा होने से व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य रक्षा को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में नियमित तरीके से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए। इसके साथ ही दुकानों से पानी निकलवाने आदि के भी प्रबंध किए जाएं।
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बीते दिनों तमसा नदी में आई बाढ़ ने जिला मुख्यालय पर कहर बरपाया था। नई सड़क, तमसा मार्ग, मुरादाबाद, जौहरडीह, शहजहांपुर समेत कई अन्य मोहल्ले व क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्र हो गए थे। नदी के जलस्तर में कमी आई, तो धीरे-धीरे बाढ़ का पानी हटने लगा। मौजूदा समय में ज्यादातर क्षेत्रों में बाढ़ का पानी तो नहीं है, लेकिन नई सड़क, मुरादाबाद, शहजहांपुर, तमसा मार्ग पर जगह-जगह अभी भी बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद भरा हुआ है। तमसा मार्ग व नई सड़क पर न सिर्फ जगह-जगह सड़क के किनारे बाढ़ का पानी जमा है, बल्कि दुकानों व घरों के निचले भाग में बाढ़ का पानी भरा है।
जिन क्षेत्रों से पानी हटा है, वहां कीचड़ व कूड़ा करकट के सड़ने-गलने से लगातार दुर्गंध उठ रही है, तो मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। इससे एक तरफ जहां संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका है, तो वहीं जिन दुकानों के निचले भाग में अभी भी पानी बना हुआ है, उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। प्रभावितों का कहना है कि संक्रामक रोगों से बचाव के लिए जिम्मेदारों को नियमित ढंग से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाना चाहिए। शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात कर उनसे बात की तो उनका दर्द कुछ इस प्रकार से सामने आया।
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दुकान में पानी से कारोबार ठप
नई सड़क पर कपड़े की दुकान करने वाले दीपक कुमार ने कहा कि तमसा नदी में आई बाढ़ से दोहरी चपत लगी है। बाढ़ का पानी तो काफी हद तक हट गया है, लेकिन न सिर्फ दुकान के निकट, बल्कि आसपास पानी अभी भी भरा हुआ है। गंदगी से उठने वाली दुर्गंध से जहां बड़ी समस्या हो रही है, तो वहीं मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा दुकान के आसपास पानी होने के चलते व्यवसाय भी लगभग पूरी तरह से ठप है। पहले कोरोना ने कमर तोड़ी, तो अब बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
गंदगी ने बढ़ाई परेशानी
मुरादाबाद मोहल्ला निवासी महावीर प्रसाद गुप्ता ने कहा कि उनके घर के निचले भाग में तमसा नदी का पानी भर गया था। जलस्तर में आई कमी के बाद पानी तो हट गया, लेकिन आसपास अभी भी पानी भरा हुआ है। जगह-जगह कीचड़ व कूड़ा करकट के सड़ने से उठती दुर्गंध ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी नियमित ढंग से नहीं हो रहा है। नतीजा यह है कि मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे संक्रामक रोगों के बढ़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग को नागरिकों के हित को देखते हुए ठोस कदम उठाना चाहिए।
पानी होने से अभी भी बंद पड़ा जिम
शहजहांपुर मोहल्ला निवासी आमिर खान ने कहा कि जिस घर में वह रहते हैं, उसके निचले भाग में वह जिम का संचालन करते हैं। तमसा नदी में आई बाढ़ के चलते पानी निचले भाग में पहुंच गया। जलस्तर में कमी तो आई, लेकिन अभी भी बाढ़ का पानी जिम में जमा है। इसके अलावा आसपास भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जगह-जगह रुके पानी के सड़ने से विशेषकर रात के समय दुर्गंध ने न सिर्फ उन्हें, बल्कि आसपास रह रहे नागरिकों को परेशान कर रखा है। कई बार जिम्मेदारों से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किए जाने की मांग की, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कभी कभार छिड़काव कर दिया जाता है, लेकिन नियमित ढंग से नहीं किया जा रहा है।
मच्छरों के प्रकोप से बढ़ीं दिक्कतें
तमसा मार्ग निवासी शिमला देवी ने कहा कि उनके घर में बाढ़ का पानी घुस गया था। जलस्तर में कमी आने के बाद उनके घर से तो पानी हट गया, लेकिन आसपास बाढ़ का पानी अभी भी एकत्र है। वे खुद ही व्यवस्था कर घर के बाहर व आसपास चूने का छिड़काव कराती हैं। कीटनाशक दवाओं के नियमित छिड़काव न होने से मच्छरों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो गई है। इससे विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोगों के बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। जिम्मेदारों को चाहिए कि नागरिकों के हित को देखते हुए नियमित ढंग से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराएं।
लगातार चल रहा सफाई अभियान
नागरिक हितों को देखते हुए प्रभावित इलाकों में लगातार सफाई कराई जा रही है। जेसीबी समेत अन्य मशीनों का प्रयोग कर गंदगी को हटवाया जा रहा है। सफाई कर्मियों की टीम लगातार संबंधित इलाकों में अभियान चला रही है। चूने व अन्य दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। नगर पालिका की तरफ से सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं, जिससे प्रभावित नागरिकों को राहत मिल सके। मैं स्वयं लगातार अलग-अलग इलाकों का भ्रमण कर रही हूं। लोगों से जरूरी फीडबैक भी लिया जा रहा है।
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-सरिता गुप्ता, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद अकबरपुर
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