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सड़कों पर सावधान होकर चलें, यहां खतरे में है जान

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अंबेडकरनगर में इस तरह गड्ढों में तब्दील पट्टी से बरियावन मार्ग। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। जिले के कई प्रमुख मार्गों पर चलना बड़ी चुनौती बन गया है। जान जोखिम में डालकर यात्री व स्थानीय नागरिक आवागमन करने को विवश हैं। दरअसल कई सड़कें जलाशय में तब्दील हो गई हैं तो वहीं कई मार्ग ऐसे हैं, जिनमेें जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। नतीजा यह है कि इन सड़कों पर चलना खतरे से खाली नहीं। इसके बावजूद प्रतिदिन रिस्क लेकर हजारों नागरिक व यात्री आवागमन करने को विवश हैं। हालात अत्यंत बदतर हो जाने के बावजूद सड़कोें को दुरुस्त नहीं कराया जा रहा है।
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गड्ढा मुक्त सड़क अभियान की जिले में जगह-जगह धज्जियां उड़ती दिख रही हैं। सड़कों पर काम तो जिले में खूब हुआ है, लेकिन इसके बावजूद कई मार्ग ऐसे हैं, जिनकी हालत अत्यंत खराब हो चुकी है। नेशनल हाईवे में तब्दील हो गए अकबरपुर से वाराणसी मार्ग पर जाफरगंज बाजार के दोनों तरफ लगभग दस किलोमीटर का मार्ग अत्यंत जोखिम भरा हो गया है। इसमें इतने गहरे व बड़े-गड्ढे बन गए हैं कि रोज ही वाहन क्षतिग्रस्त होते रहते हैं।
भारी वाहनों का आवागमन होने के चलते यहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। मार्ग की बदहाली से आजिज नागरिक आये दिन सोशल मीडिया पर इस सड़क का जिक्र कर रहे हैं, लेकिन मरम्मत करने की जरूरत नहीं महसूस की जा रही। मालीपुर से जलालपुर के बीच की पूरी सड़क बदहाल हो गई है। गड्ढों में तब्दील होने के चलते इस सड़क का अस्तित्व ही मिटने के कगार पर है। यह सड़क इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि तमाम यात्री दूरदराज के क्षेत्रों से होकर आवागमन करने को विवश हो रहे हैं। अमर उजाला टीम ने गुरुवार को कई मार्गों का जायजा लिया।
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नए निर्माण की आस मेें छोड़ दी मरम्मत
अकबरपुर नगर से इल्तिफातगंज को जाने वाली सड़क इन दिनों जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने व नए सिरे से निर्माण कराने की मंजूरी राज्य सरकार ने दी है। इसके चलते अब इस मार्ग की मरम्मत छोड़ दी गई। प्रतिदिन इस सड़क पर हजारों यात्री आवागमन करते हैं। सड़क की बदहाली का खामियाजा उन्हें प्रतिदिन उठाना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भर जाने से चार पहिया वाहनों के अलावा दो पहिया वाहन चालकों को भी दिक्कत हो रही है। स्थानीय नागरिकों व यात्रियों ने वैकल्पिक मरम्मत कराए जाने की आवाज बुलंद की, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह है कि अकबरपुर से लेकर केदारनगर व इल्तिफातगंज की यात्रा करने वाले नागरिक व यात्री बदहाली का सामना करने को विवश हैं।
मार्ग गड्ढों में तब्दील, आवागमन मुश्किल
पट्टी से बरियावन जाने वाले मार्ग का प्रयोग स्थानीय नागरिकों के अलावा बाहरी लोग भी करते रहते हैं। बाईपास के तौर पर इस मार्ग का प्रयोग प्रमुखता से होता है। बरसात शुरू होने से पहले ही यह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बावजूद इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजा यह कि सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इनमें पानी भरा रहने से इन दिनों सुचारु आवागमन संभव नहीं हो पा रहा है। चार पहिया वाहनों का आवागमन सबसे ज्यादा कठिन हो गया है। छोटे चार पहिया वाहन कई बार इधर दुर्घटनाग्रस्त भी हो गए।
जलाशय में तब्दील रामनगर चहोड़ा मार्ग
रामनगर से चहोड़ा मार्ग की हालत बदतर है। यह सड़क कई जगह जलाशय में तब्दील हो गई है। मुख्य मार्ग पर ही इतना ज्यादा पानी भर गया है कि आवागमन करना मुश्किल है। नागरिकों ने बताया कि बरसात का सीजन शुरू होने से पहले ही यहां बने गड्ढों की तरफ ध्यान दिलाया गया था, लेकिन सुध नहीं ली गई। उस समय या अब भी बड़ी गिट्टियां यहां डाल दी जाएं तो तालाब का जो दृश्य चौबीस घंटे बना रहता है, वह दूर हो सकता है। कई बाइक सवार यहां दिन में गिरते रहते हैं। इनमें कई बार महिलाएं तक शामिल रहती हैं। पानी में गिरने से कपड़ों के साथ सामान आदि भी भीग जाता है।
पानी भरे गड्ढों से आवागमन करने के मजबूर
हजपुरा बाजार से बाकरगंज जाने वाले मार्ग की हालत भी बदहाल है। लंबे समय से स्थानीय नागरिक व यात्री इस मार्ग की मरम्मत की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसके चलते सड़क पर गड्ढे लगातार बढ़ते गए। अब हालात यह है कि पानी भरे गड्ढों से होकर आवागमन करने की विवशता बनी हुई है। बाजारवासियों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि समय रहते सड़क की मरम्मत की गई होती या अब भी अगर ध्यान दिया जाए तो नागरिकों की मुश्किल दूर की जा सकती है।
तालाब नजर आ रही सड़क
कटेहरी बाजार से निनामपुर जाने वाला मार्ग भी सड़क की बजाए तालाब नजर आती है। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण व यात्री आवागमन करते हैं। मुख्य मार्ग पर ही पानी भरा होने के चलते आवागमन करना अत्यंत कठिन हो गया है। साइकिल व बाइक सवारों को यहां सबसे ज्यादा कठिनाई का सामना करना पड़ता है। जबकि चार पहिया वाहन चालकों का आवागमन भी अत्यंत कठिनाई से हो पाता है। लंबे समय से सड़क की मरम्मत व जल निकासी को लेकर चली आ रही मांग पर ध्यान न देने का खामियाजा इन दिनों स्थानीय नागरिक व यात्री भुगत रहे हैं।
गड्ढों में तब्दील इंजीनियरिंग कॉलेज मार्ग
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज से इल्तिफातगंज जाने वाला मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। इस मार्ग पर कदम-कदम पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। शहर का यह मार्ग वैकल्पिक बाईपास के तौर पर प्रयोग में आता है। छात्र-छात्राओं व स्थानीय ग्रामीणों के अलावा बाहरी यात्री भी इस मार्ग का प्रयोग प्रमुखता से करते हैं, लेकिन लंबे समय से सड़क की विधिवत मरम्मत न होने का खामियाजा इन दिनों सभी को भुगतना पड़ रहा है। सड़क पर बने गड्ढों के चलते सुचारू आवागमन संभव नहीं रह गया है। छात्र-छात्राओं तथा स्थानीय ग्रामीणों ने मार्ग की बदहाली को लेकर नाराजगी जताई।
डलवाई जा रहीं गिट्टियां
जिन जगहों पर स्थिति ज्यादा खराब है, वहां गिट्टियां डलवाई जा रही हैं। बरसात का सीजन समाप्त होते ही बड़े पैमाने पर कार्य शुरू कराए जाएंगे। कार्ययोजना बना ली गई है। नागरिकों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। जिन भी मार्गों की दशा ठीक नहीं है, उन्हें लेकर जरूरी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
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-शंकर्षणलाल, अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी
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