नगर के नर्सिंग होम में शनिवार को दिनदहाड़े एक नर्स की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। नर्स को मारने के बाद आरोपी वार्ड बॉय ने खुद को चाकू से मारकर जान देने की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर नर्सिंग होम में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलने पर एसपी भी वहां पहुंचे और घटना के बारे में छानबीन की। एहतियात के तौर पर वह कई थानाध्यक्ष व पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं।
पुलिस प्रेस-प्रसंग को घटना की वजह बता रही है। टांडा के सकरावल मोहल्ला स्थित खैरुन्निशा नर्सिंग होम में शनिवार दोपहर अचानक हुई चीख पुकार से अफरातफरी मच गई। आवाज अस्पताल के प्रसव कक्ष से आ रही थी। आननफानन में कर्मचारी वहां पहुंचे तो वह अंदर से बंद था। उस कमरे से अटैच बाथरूम के सहारे कर्मचारी अंदर पहुंचे तो वहां नाजारा देखकर सन्न रह गए। सकरावल मोहल्ले की रहने वाली अस्पताल की नर्स पूजा उर्फ मोनी (22) पुत्री राधेश्याम खून से लथपथ पड़ी थी।
वार्ड बॉय के तौर पर कार्यरत काजीपुरा निवासी साहबे आलम (24) भी जमीन पर पड़ा था। मौके पर एक चाकू पड़ा था। आननफानन में दोनों को राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर पहुंचाया गया जहां से दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में युवती को मृत घोषित कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज चल रहा है। पुलिस छानबीन में पता चला कि युवती के सीने पर चाकू के कई घाव थे। युवक के पेट में गंभीर चोट थी।
पुलिस का मानना है कि युवक ने चाकू से गोदकर युवती की हत्या कर दी। उसके बाद चाकू से मारकर आत्महत्या का प्रयास किया। युवक व युवती करीब तीन वर्ष से अस्पताल में काम कर रहे थे। घटना के बाद तनाव की आशंका के मद्देनजर पुलिस तत्काल सक्रिय हो गई। कोतवाल मनोज पंत व अन्य पुलिस कर्मियों के साथ टांडा सीओ बीके श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। कुछ देर में ही एसओ अलीगंज व एसओ इब्राहिमपुर को भी बुला लिया गया।
अस्पताल व निकटवर्ती क्षेत्र में कुछ ही देर में पीएसी के जवान मुस्तैद हो गए। दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज वारदात की सूचना पर एसपी सुधीर सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर जायजा लिया। एसपी का कहना है कि घटना के पीछे प्रेस-प्रसंग बताया जा रहा है। इस मुद्दे पर छानबीन कराई जा रही है।
प्रशासन ने नर्सिंग होम किया सील
एसपी ने नर्सिंग होम की मान्यता व संचालन को लेकर जानकारी हासिल करने के बाद डीएम अखिलेश सिंह को अवगत कराया। एसपी ने सीएमओ व एसडीएम को भी आवश्यक प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम टांडा नरेंद्र सिंह व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके गुप्ता की मौजूदगी में उसे सील कर दिया गया।