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दिनभर जाम से जूझे शहरवासी

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अंबेडकरनगर के नई सड़क पर सड़क चौड़ीकरण के लिए शुरु हुई पेड़ों की कटान। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। वन विभाग की अदूरदर्शिता ने शनिवार को जिला मुख्यालय के एक बड़े क्षेत्र को संकट में डाल दिया। मार्ग के चौड़ीकरण के लिए सड़क के दोनों तरफ लगे पेड़ों की कटाई इस मनमानी के साथ की गई कि दिनभर पूरा शहर जाम की चपेट में रहा। अलग-अलग चरणों में पेड़ों की कटाई कर उसे वहां से हटाए जाने के बाद दूसरे चरण की कार्रवाई करने को अमल में लाने की बजाय वन विभाग की टीम ने मनमानी करते हुए एक तरफ से शहजादपुर में पेड़ों की कटान कर सभी प्रमुख मार्गों को अवरुद्ध कर दिया। इससे न सिर्फ अभूतपूर्व जाम का संकट बना रहा, वरन बड़े पैमाने पर पावर कॉर्पोरेशन के तार व खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए। नतीजा यह कि दिनभर बिजली से वंचित लगभग 20 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को न सिर्फ शनिवार को पूरी रात, वरन रविवार को भी देर शाम तक विद्युत आपूर्ति से वंचित रहना पड़ेगा। नागरिकों ने अदूरदर्शिता व मनमानी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है।
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अकबरपुर नगर में फव्वारा तिराहे से लेकर शहजादपुर पुलिस चौकी तक मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कराया जा रहा है। इसके लिए वन विभाग को दोनों तरफ लगे पेड़ों को काटकर हटाना था। लगातार कार्यदायी संस्था प्रदीप कंस्ट्रक्शन द्वारा पत्र लिखने के बावजूद वन विभाग कोई सुध नहीं ले रहा था। इससे निर्माण कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा था। डीएम सैमुअल पॉल एन ने बीते दिनों नाराजगी जताई, तो वन विभाग अचानक हरकत में आ गया। आननफानन में तय हुआ कि 18 व 19 सितंबर को पेड़ों की कटान की जाएगी। इसके लिए संबंधित क्षेत्र में दिनभर बिजली आपूर्ति न करने तथा मार्ग डायवर्जन का फैसला ले लिया गया। नागरिकों को उम्मीद थी कि पेड़ों की कटान का कार्य व्यवस्थित ढंग से किया जाएगा। हालांकि इसके विपरीत वन विभाग के कर्मचारियों की मनमानी शनिवार को पूरे शहर के लिए भारी पड़ गई।
हुआ यह कि लगभग सवा एक किमी लंबे इस मार्ग पर पेड़ों की कटान दो अलग-अलग चरणों में करने की बजाय वन विभाग ने शनिवार को एक तरफ से मशीनों के जरिए पेड़ों को काटना, उखाड़ना व गिराना शुरू कर दिया। इससे सवा एक किमी लंबे पूरे मार्ग से यातायात ठप पड़ गया। मुख्य मार्गों पर पेड़ों के गिरने के चलते जो वैकल्पिक मार्ग थे, वह भी ठप पड़ गए। वन विभाग ने पेड़ों को काटने में इस तरह की मनमानी की कि विभाग के तमाम विद्युत पोल व जगह जगह बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए।
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जबकि तय यह हुआ था कि पेड़ों की कटान इस ढंग से होगी, जिससे शहरवासियों को शाम 6 बजे के बाद बिजली दी जा सके।
इस बीच वन विभाग की मनमानी के चलते नगर के शहजादपुर स्थित एक दर्जन से अधिक मोहल्लों की विद्युत आपूर्ति पूरे दिन ठप रही। संबंधित क्षेत्र को बिजली आपूर्ति करने वाले तार इस कदर क्षतिग्रस्त हो गए है कि लगभग 20 हजार उपभोक्ताओं को न सिर्फ शनिवार पूरी रात, बल्कि रविवार को भी देर शाम तक बिजली से वंचित रहना पड़ सकता है।
जिला प्रशासन करे कार्रवाई
उपभोक्ताओं ने कहा कि जिला प्रशासन को वन विभाग की इस अदूरदर्शिता व मनमानी पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। पेड़ों की कटान का कार्य यदि सुनियोजित ढंग से होता, तो इसे लेकर शहर में अफरातफरी का माहौल न होता। नागरिक वीरेंद्र, श्याम, व पंकज ने कहा कि वन विभाग को यह देखना चाहिए था कि पेड़ों की कटान इस ढंग से हो, कि बिजली के तार व पोल कम से कम क्षतिग्रस्त होने पाएं। कहा कि पेड़ों की कटान का कार्य यदि छोटे-छोटे चरण में तीन से चार दिन में होती, तो न सिर्फ पूरे दिन शहर को जाम से जूझने को बचाया जा सकता था, बल्कि उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति के व्यापक संकट से भी निजात मिलती। उपभोक्ता वसीम व अनुराग व अमन ने कहा कि जिला प्रशासन को इस बारे में सख्त एक्शन लेना चाहिए। साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने एनओसी देने में जिम्मेदारी का पालन नहीं किया।
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