अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट के निकट अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करतीं आशा कार्यकत्री।
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अंबेडकरनगर। आशा और आशा संगिनी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसमें महिला कर्मचारियों ने आशा/ आशा संगिनी को राज्य या केन्द्रीय कर्मचारी का दर्जा देने, सरकार से न्यूनतम मानदेय 18 व 24 हजार रुपए किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया। कहा कि आशा संगिनी 30 दिन ड्यूटी देती हैं, उसके बावजूद उनकी सर्विस रिकार्ड में 24 दिन दिखाया जाता है। ऐसे में सरकार को इसमें जल्द सुधार करना चाहिए। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन तहसीलदार सदर को सौंपा।
संगठन जिलाध्यक्ष मीरा सिंह की अध्यक्षता में महिला कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कहा कि कई बार समस्याओं को लेकर आवाज उठायी गई, लेकिन शासन प्रशासन में बैठे लोग इस तरफ ध्यान नही दे रहे हैं। महिला कर्मचारियों ने समय से मानदेय भुगतान किए जाने की मांग उठायी। आशा संगिनी के कार्य दिवस को 24 के बजाए 30 दिन किया जाए। आशा संगिनी पूरे माह काम करती हैं, ऐसे में 24 दिन का भुगतान दिया जाना उचित नही है।
आशा व आशा संगिनी को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लेते हुए ईपीएफ एवं ईएसआई का लाभ देने, आकस्मिक मृत्यु या दुर्घटना होने पर 5 लाख का मुआवजा देने, परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी, रिटायर बेनीफिट के रूप में एक मुश्त 5 लाख का भुगतान करने, उम्र का बंधन हटाते हुए उच्च शिक्षित आशा/ आशा संगिनी को एएनएम का मुफ्त प्रशिक्षण देकर एएनएम के रिक्त पद पर पदोन्नति देने, वर्ष में दो ड्रेस का भुगतान करने व राष्ट्रीय कार्यक्रमों में एक दिन का मानदेय न्यनूतम मजूदरी से कम न दिया जाने की मांग उठाई। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन तहसीलदार सदर को सौंपा। मौके पर साधना सिंह, ऊषा पटेल, नीलम सिंह, रंजना वर्मा, अनीता, इन्द्रावती व शारदा देवी आदि मौजूद रहीं।