अंबेडकरनगर। अकबरपुर चीनी मिल का पेराई सत्र 28 नवंबर से प्रारंभ हो रहा है। शासन द्वारा चीनी मिल को इस बार कुल 108 लाख कुंतल पेराई का लक्ष्य दिया गया है। किसानों को अपना गन्ना तौल कराने में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए चीनी मिल की तरफ से अंबेडकरनगर में 32 सेंटरों सहित विभिन्न जनपदों में कुल 82 सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों में 17 सेंटरों पर तौल के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगाए गए हैं।
भीटी तहसील के मिझौड़ा स्थित अकबरपुर चीनी मिल में गन्ना तौल व पेराई का कार्य 28 नवंबर से प्रारंभ हो रहा है। मुख्य गन्ना प्रबंधक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि गन्ना आयुक्त कामरान रिजवी द्वारा अकबरपुर चीनी मिल को इस बार 108 लाख कुंतल पेराई का लक्ष्य दिया गया है। श्री सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों को अपना गन्ना बेचने के लिए किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए कुल 82 सेंटर बनाए गए हैं।
इसमें चीनी मिल के लिए अंबेडकरनगर जिले में 32, फैजाबाद में 11, सुल्तानपुर में 8, जौनपुर 10, आजमगढ़ में 16 व शाहगंज में 5 सेंटर बनाए गए हैं। बताया कि इन सेंटरों में 17 सेंटर ऐसे हैं, जहां तौल के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटा लगाया गया है। इसमें अंबेडकरनगर में आठ सेंटर रगड़गंज, टांडा, खानशाहपुर, बसखारी, शुकुलबाजार, धवरुआ, बेलउवा बरियारपुर व जाफरगंज सहित फै जाबाद में 6 व आजमगढ़ में 3 सेंटर शामिल हैं। बताया कि अन्य सेंटरों पर तौल के लिए कांटा-बाट पहुंचा दिया गया है। किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
उधर 28 नवंबर से गन्ना तौल प्रारंभ होने को लेकर गन्ना किसानों में जहां खुशी का माहौल है, वहीं उनमें आशंका भी व्याप्त है। उनका कहना है कि कहीं विगत वर्ष की तरह इस बार भी उन्हें गन्ना तौल के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। जलालपुर विकास खंड के गन्ना किसान रामदीन वर्मा व अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि विगत वर्ष उन्हें गन्ना तौल के लिए कई बार निकट स्थित सेंटर का चक्कर लगाना पड़ा था। तमाम शिकायतों के बाद ही उनकी फसल की तौल हो सकी थी। कुछ इसी प्रकार की आशंका अकबरपुर विकास खंड के जफरयाब हैदर व रामप्रकाश ने भी व्यक्त किया। उनका कहना था कि मिल प्रशासन को चाहिए कि वह लगातार सभी सेंटरों पर नजर रखे, जिससे इन सेंटरों पर कार्यरत कर्मचारी अपनी मनमानी न कर सकें। बताया कि विगत वर्ष कर्मचारियों की मनमानी के चलते उन्हें काफ ी समस्या उठानी पड़ी थी।