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मेडिकल कॉलेज में बनेगा 50 बेड का ट्रॉमा सेंटर

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अंबेडकरनगर। सड़क हादसों का शिकार घायलों व गंभीर मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में 50 बेड के ट्रॉमा सेंटर की स्थापना को शासन से मंजूरी मिल गयी है। इसके लिए कुल 24 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। इसके साथ ही 50 बेड का इमरजेंसी मेडिकल डिपार्टमेंट भी स्थापित करने की तैयारी है। इससे यहां आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बजट आवंटित होते ही ट्रॉमा सेंटर व डिपार्टमेंट की स्थापना कार्य तेजी से शुरू होने की उम्मीद है।
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सड़क हादसों समेत विभिन्न प्रकार के आकस्मिक चिकित्सा से जुड़े मामलों में अभी भी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर करने की विवशता बनी हुई है। जिला अस्पताल से लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में गंभीर घायलों व मरीजों को भर्ती कर इलाज व ऑपरेशन की पूरी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसे देखते हुए बीते दिनों जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना का निर्णय सरकार ने लिया था। इसका काम शुरू भी हुआ। हालांकि इन दिनों बजट के अभाव में काम ठप है।
इस बीच एक बड़ी खबर यह है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में लेवल टू स्तर का ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने को हरी झंडी दे दी गयी है। इस पर आने वाला खर्च केंद्र व राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी। मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का निर्णय इसलिए लिया गया है कि क्योंकि वह नेशनल हाइवे 232 पर स्थित है। यह हाइवे टांडा से अकबरपुर व सुल्तानपुर होते हुए बांदा तक जाता है।
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चिकित्सा शिक्षा विभाग ने ट्रॉमा सेंटर स्थापना को लेकर आवश्यक भवन, मानव संसाधन तथा उपकरण आदि पर व्यय सहित अन्य मदों को लेकर प्रस्ताव मांगे थे। इसे लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से जरूरी जानकारी भेज दी गई है। खबर है कि यहां 50 बेड का लेवल टू स्तर का ट्रॉमा सेंटर स्थापित होगा। फिलहाल यहां 10 बेड की इमरजेंसी सेवा पहले से चल रही है। इन 10 बेड के अलावा 50 बेड का ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जायेगा।
इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 10 करोड़ 79 लाख रुपये खर्च का प्राविधान किया गया है। उपकरणों के लिए सात करोड़ 71 लाख रुपये खर्च होंगे, जबकि मानव संसाधन के लिए पांच करोड़ 50 लाख रुपये की जरूरत बताई गयी है। इस तरह कुल 24 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ट्रॉमा सेंटर की स्थापना के साथ ही यहां इमरजेंसी मेेडिसिन डिपार्टमेंट भी स्थापित होगा। 50 बेड के इस डिपार्टमेंट की स्थापना ट्रॉमा सेंटर के साथ ही की जाएगी। इसका भी लाभ मरीजों को बेहतर ढंग से मिल सके, यह इंतजाम सुनिश्चित करने की तैयारी है।
अभी गंभीर किस्म के मरीजों को जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज से प्राथमिक उपचार के बाद ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर करना पड़ता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। अब राजकीय मेडिकल कॉलेज में लेवल टू का ट्रॉमा सेंटर बनने से तमाम तरह की सुविधाएं मिल सकेंगी। खासतौर पर हड्डी आदि से जुड़े ऑपरेशन प्राथमिकता के साथ किये जा सकेंगे। इसका लाभ यह होगा कि तनिक भी गंभीर स्थिति होने पर मरीजों को जिस तरह से फौरन लखनऊ तक जाने की मजबूरी बन जाती है, उससे निजात मिलेगी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर के प्राचार्य डॉ. संदीप कौशिक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में लेवल टू के ट्रॉमा सेंटर की स्थापना को मंजूरी मिल गयी है। इसके लिए जरूरी प्रयास चल रहे हैं। आगामी दिनों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं क्रमवार पूरी करायी जायेंगी। सभी कार्य प्राथमिकता पर हों, यह तय किया जायेगा। ताकि मरीजों को जल्द से जल्द लाभ मिल सके।
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