बीते दिनों बिक्री कर चुके किसान भी होंगे लाभान्वित
संवाद न्यूज एजेंसीअंबेडकरनगर। जिले के 48 हजार गन्ना किसानों को समर्थन मूल्य में 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाए जाने का लाभ मिलेगा। दो वर्ष बाद 20 रुपये प्रति क्विंटल दाम बढ़ाए जाने की सराहना तो किसानों ने की है लेकिन उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए कम से कम 50 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया जाना चाहिए था।
गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने का इंतजार लंबे समय से किसानों को था। बृहस्पतिवार को प्रदेश सरकार ने इंतजार समाप्त कर दिया। सभी प्रकार के गन्ने का समर्थन मूल्य 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाए जाने का निर्णय लिया। ऐसे में जहां अब तक 350 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने की खरीद हो रही थी तो वहीं अब किसानों को एक क्विंटल गन्ने की बिक्री करने पर 370 रुपये मिलेंगे।
मालूम हो कि जिले में 48 हजार गन्ना किसान हैं जिन्होंने लगभग 25 हजार हेक्टेअर में गन्ने की बोआई कर रखी है। इनके गन्ने की खरीद अकबरपुर चीनी मिल मिझौड़ा द्वारा 16 नवंबर से खरीद शुरू की गई तो 17 नवंबर से पेराई सत्र प्रारंभ हो गया। किसानों के लिए जिले में मिल गेट समेत कुल 38 क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
सात वर्ष में बढ़ा 55 रुपये
गन्ने का समर्थन मूल्य वर्ष 2017 में 10 रुपये क्विंटल बढ़ा था। इसके बाद 2021 में 25 रुपये जबकि 2023 में 20 रुपये समर्थन मूल्य बढ़ा। ऐसे में सात वर्ष में समर्थन मूल्य 55 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा है। इस बीच समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने का गन्ना किसानों ने समर्थन तो किया लेकिन इसमें और भी वृद्धि किए जाने की मांग की। अकबरपुर के गन्ना किसान प्रकाश राय व अरविंद वर्मा ने कहा कि दो वर्ष के इंतजार के बाद 20 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य बढ़ाया जाना सराहनीय है। भीटी के किसान रामसिंगार व महरुआ के मनोज कुमार ने कहा कि जिस प्रकार से लगातार महंगाई बढ़ रही है उसे देखते हुए 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया जाना कम है। कम से कम 50 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य बढ़ाया जाना चाहिए था।
सभी किसानों को मिलेगा लाभ
गन्ने का समर्थन मूल्य 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा है। इस समर्थन मूल्य का लाभ सभी किसानों को मिलेगा। जिन्होंने शुरुआती दौर में गन्ने की बिक्री की है उन्हें भी लाभ मिलेगा।
-अरविंद सिंह, सहायक महाप्रबंधक गन्ना