अंबेडकरनगर। लगभग पांच माह बाद जिले के 1131 उच्च प्राथमिक विद्यालय फिर नौनिहालों से गुलजार होंगे। शासन के निर्देश पर 23 अगस्त को यह विद्यालय कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए खोल दिए जाएंगे। इन स्कूलोें में पठन-पाठन के लिए 77 हजार 937 बच्चे पहुंचेंगे। इसके लिए न सिर्फ बेसिक शिक्षा विभाग बल्कि स्कूल के प्रधानाध्यापक व प्रबंधन तैयारियों में जुट गया है। शासन का निर्देश है कि जिन विद्यालयों में छात्र संख्या अधिक है और बच्चों को गाइडलाइन के मुताबिक बिठाने में दिक्कत है, वहां विद्यालय दो पालियों में चलाए जाएंगे। साथ ही जिन विद्यालयों में पर्याप्त स्थान नहीं है, वहां पर किसी तरह के कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। बच्चों के हाथ धुलने, शुद्ध पेयजल आदि की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश हैं।
कोरोना महामारी के चलते विद्यालय इन दिनों बंद चल रहे थे। शिक्षकों की उपस्थिति तो विद्यालय में चल रही थी, लेकिन परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मोहल्ला पाठशाला व अन्य माध्यमों से शिक्षा दी जा रही थी। कोरोना महामारी में मिलती राहत के बीच शासन ने परिषदीय स्कूलों को भी खोलने का निर्देश जारी कर दिया है। ऐसे में 23 अगस्त को कक्षा 6 से 8 और आगामी एक सितंबर से कक्षा एक से पांच तक के विद्यालय खोले जाएंगे।
शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जूनियर कक्षा के स्कूलों को खोलने की तैयारी तेज कर दी है। स्कूलों में पुस्तक पहुंचाने के साथ ही विद्यालय की साफ सफाई, बच्चों के बैठने, शुद्ध पेयजल, हाथ धुलने आदि की बेहतर व्यवस्था करने की तैयारी में जुटा है। सोमवार से जिले के 1131 जूनियर स्कूल खुलेंगे। इसमें 520 परिषदीय हैं, जबकि 611 विद्यालय मान्यता प्राप्त हैं। इन विद्यालयों में अब तक पंजीकृत बच्चों की संख्या 77 हजार 937 है।
शासन का निर्देश है कि बच्चों को विद्यालय आने के लिए अभिभावकों की अनुमति लेनी होगी। साथ ही निगरानी समिति सदस्यों को आमंत्रित कर उनसे अभिभावकों व बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करने में मदद ली जाए। विद्यालय खुलने पर प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी होगी कि वह बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए चिकित्सकीय स्टाफ से समन्वय स्थापित कर सपोर्ट लें। इसके अलावा जिन स्कूलों में बच्चों के लाने व ले जाने के लिए वाहन की सुविधा है, वहां प्रतिदिन वाहनों को सैनिटाइज करना होगा।
बच्चों के लिए विद्यालय में शुद्ध पेयजल, हाथ धुलने व शौचालय की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। बच्चों को क्लास में दो गज की दूरी का पालन कराते हुए बैठाना होगा और उनके चेहरे पर मास्क अच्छे ढंग से लगा होना चाहिए। वह विद्यालय दो पालियों में संचालित होंगे, जहां बच्चों को बिठाने के लिए समुचित स्थान नहीं है। इसके अलावा यदि विद्यालय में बच्चों को बैठाने की पर्याप्त जगह नहीं है, तो किसी प्रकार के आयोजन नहीं होंगे।
मेन्यू के तहत बच्चों को मिलेगी रोटी व सब्जी
करीब पांच माह बाद नौनिहाल स्कूल पहुंचेंगे तो उन्हें मेन्यू के तहत एमडीएम में रोटी व सब्जी खाने को मिलेगी। सभी विद्यालयों में मेन्यू के अनुसार भोजन बने, इसके लिए एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने सख्त निर्देश भी दिए हैं। कहा है कि कनवर्जन कास्ट की धनराशि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्रधानाध्यापक विद्यालय खर्च से जुड़ी अन्य निधि से रकम उपयोग कर सकते हैं। कनवर्जन कास्ट की रकम उपलब्ध होने पर धनराशि मुहैया करा दी जाएगी। कहा कि यदि कहीं किसी प्रकार की हीलाहवाली की गई, तो कार्रवाई भी सुनिश्चित होगी।
नियमों के अनुसार खुलेंगे विद्यालय
शासन के निर्देश के मुताबिक 23 अगस्त से कक्षा 6 से 8 तक के विद्यालय खोले जा रहे हैं। कोरोना गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश है। नियमों का उल्लंघन न हो, इसके लिए विद्यालयों का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। इसके लिए सभी एबीएसए को भी निर्देशित किया गया है।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए