उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि मामले की गंभीरता से जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। इसके बाद एक जून 2023 को फूलपुर विधायक (अब सांसद) प्रवीण पटेल ने भी संचार मंत्री को इसी संबंध में पत्र लिखा था। सांसद की चिट्ठी पर संचार मंत्री ने पत्र लिखकर बताया कि जांच कराई जा रही है। ग्राम प्रधान ने भी लिखकर दिया है कि जिन्हें भुगतान हुआ, उन्होंने कभी कोई काम नहीं किया।
मामला मंत्री तक पहुंचने के बाद अफसर सक्रिय हुए। इसकी जांच एएसपी हिमांशु तिवारी और अर्जित सोनी कर चुके हैं। अब एएसपी अंबरीश कुमार कर रहे हैं। जांच अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से बयान लिया और जांच रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी। अफसरों ने कहा कि भुगतान सही हुआ है। आउटसाइडर से काम लिया गया है। इस जांच रिपोर्ट पर निदेशालय ने दोनों आउटसाइडर के रिकाॅर्ड मांगे लिए।
इसके जवाब ने बताया गया कि मामला सात वर्ष पुराना है और रिकाॅर्ड नष्ट कर दिए गए हैं। इनसे पूछा गया है कि रिकाॅर्ड कब नष्ट किए गए? इनके साथ अन्य किन-किन मामलों का रिकाॅर्ड नष्ट किया गया है। इसके बाद हंडिया डाक निरीक्षक से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है।
आउटसाइडर को भुगतान करने के मामले की पहले जो जांच रिपोर्ट भेजी गई थी, उसमें कुछ आपत्तियां थीं। अब फिर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट निदेशालय भेजेंगे। विभाग में आउटसाइडर रखने का नियम है। डाक बांटने की जरूरत के अनुसार ही उन्हें रखा जाता है। - गाैरव श्रीवास्तव, डाक निदेशक