प्रो. आरएल हांगलू का इस्तीफा राष्ट्रपति से मंजूर होने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नए कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति की कवायद शुरू कर दी गई है। हालांकि वर्तमान में सबसे वरिष्ठ प्रो. केएस मिश्र कार्यवाहक कुलपति का कामकाम देख रहे हैं लेकिन वह 15 जनवरी को रिटायर होने जा रहे हैं, सो उनके रिटायरमेंट से पहले ही किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को नई जिम्मेदारी के लिए चुन लिया जाएगा।
नए कार्यवाहक कुलपति के लिए इविवि में वरिष्ठ शिक्षकों की सूची तैयारी की जा रही है। सूची को अंतिम रूप देने के बाद उसे मंत्रालय को भेजा जाएगा। वरिष्ठता क्रम में वर्तमान कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र का नाम पहले, डीन आर्ट्स प्रो. पीके साहू का नाम दूसरे, वाणिज्य विभाग के प्रो. एसएस अंसारी का नाम तीसरे और जेके इंस्टीट्यूट के प्रो. आरआर तिवारी का नाम चौथे एवं प्राचीन इतिहास विभाग की प्रो. रंजना बाजपेयी का नाम पांचवें स्थान पर है। इस तरह वरिष्ठता क्रम में 15 शिक्षकों की एक सूची कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र के पास भेजी गई है। इसमें प्रो. रंजना बाजपेयी के साथ प्रो. आरके सिंह का नाम भी शामिल हैं और दोनों की वरिष्ठता को लेकर कुछ विवाद है, सो पहले इस विवाद को दूर किया जाएगा और इसके बाद अंतिम सूची तैयारी होगी।
वरिष्ठता क्रम में दूसरे स्थान पर डीन आर्ट्स प्रो. पीके साहू 14 जनवरी को रिटायर होने जा रहे हैं। इसके बाद अगला नंबर प्रो. एसए अंसारी एवं प्रो. आरआर तिवारी का है। इनमें से किसी एक को कार्यवाहक कुलपति की जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि नियुक्ति से पहले यह भी देखा जाएगा कि जिस शिक्षक को कार्यवाहक कुलपति की जिम्मेदारी दी जा रही है, उसके रिटायरमेंट को कम से कम छह माह शेष हों, क्योंकि इन्हीं परिस्थितियों में कार्यवाहक कुलपति को वित्तीय अधिकार दिए जा सकते हैं।
उधर, नियमित कुलपति की नियुक्ति में वक्त लग सकता है। इसके लिए पहले कार्य परिषद की बैठक बुलाई जाएगी। फिर वहां से प्रस्ताव पारित होने के बाद तीन सदस्यीय सर्च कमेटी बनेगी। इसमें कार्य परिषद के दो सदस्यों एवं मंत्रालय के एक सदस्य को शामिल किया जाएगा। इसके बाद नियमित कुलपति के लिए आवेदन लिए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्च कमेटी 10 लोगों का इंटरव्यू लेगी और इनमें से तीन-चार नाम छांटकर मंत्रालय को भेजे जाएंगे। मंत्रालय इनमें से किसी के नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा।