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गंगा-यमुना में उफान, हनुमान मंदिर तक आया पानी
माताटीला-लाचूरा बांधों से 12.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, कछार में बाढ़ से मचा हड़कंप
गंगा 79 और यमुना 80 मीटर तक पहुंचीं, आज हनुमान मंदिर में प्रवेश कर सकती हैं गंगा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। मध्यप्रदेश में केन, बेतवा में भारी उफान के बाद शनिवार को गंगा-यमुना बाढ़ के मुहाने पर पहुंच गईं। एमपी में माताटीला और लाचूरा बांधों से 12.44 लाख क्यूसेक प्रति सेकेंड से अधिक पानी छोड़ा गया है, जो कि यमुना में जा रहा है। इसी तरह हरिद्वार, नरोरा और कानपुर बैराज से करीब तीन लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़े जाने से रात को प्रयागराज के कछारी इलाके जलमग्न हो गए। संगम तट पर हड़कंप मच गया। महावीर मार्ग अक्षयवट मार्ग से होकर गंगा बड़े हनुमान मंदिर के पास पहुंच गईं। सुबह तक गंगा हनुमान मंदिर में प्रवेश कर सकती है। इधर, देर रात तक चौकियां हटाने और सुरक्षित स्थानों पर जगह बनाने की मशक्कत की जाती रही।
शनिवार की रात 12 बजे सिंचाई बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम से जारी बुलेटिन के अनुसार नैनी में यमुना का जलस्तर 80.06 मीटर रिकार्ड किया गया। इसी तरह रात 10 बजे तक फाफामऊ में गंगा 79.85 मीटर, छतनाग में 79.21 मीटर के जलस्तर पर पहुंच गई थीं। यहां गंगा-यमुना, दोनों में 10-11 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि होने से बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है। सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने दावा किया है कि इसी रफ्तार से जल स्तर बढ़ता रहा तो रविवार की सुबह तक गंगा बड़े हनुमान मंदिर में प्रवेश कर जाएंगी।
जलस्तर में तेज वृद्धि के चलते देर शाम अक्षयवट मार्ग के अलावा महावीर मार्ग पर पानी भर गया है। वहीं, कछारी बस्तियों में पानी घुसने से रात को अफरातफरी मच गई। खासतौर से बेनी बांध के निकट नालों पर बसे लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। रात को ही सैकड़ों परिवारों को गृहस्थी समेटने के लिए मजबूर होना पड़ा। श्मशान घाट पर भी पानी पहुंचने वाला है।