हर वर्ष मोहर्रम के अवसर पर अजादारी के लिए जरूर आते हैं। उनके गांव के निकट परिषदीय विद्यालय मोहिउद्दीन पुर से आठवीं करने के बाद प्रयागराज के सीएवी इंटर कालेज और यादगार हुसैनी इंटर कालेज से ही उनकी शिक्षा हुई। उनकी उच्च शिक्षा बरेली में हुई। देश में लगी इमरजेंसी के दौरान मुख्तार अब्बास भी जेल गए थे। नकवी कभी इंदिरा गांधी को चुनाव में हराने वाले समाजवादी नेता राजनारायण के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में वह भाजपा में आ गए।
पार्टी के निर्देश पर ही उन्होंने 1998 में लोकसभा का चुनाव रामपुर से लड़ा और जीत हासिल की। अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में उन्हें सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री बनाया गया। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुबोध सिंह बतातेे हैं कि निश्चित ही अगर मुख्तार अब्बास नकवी उपराष्ट्रपति या राज्यपाल बनते हैं तो यह प्रयागराज के लिए फख्र की बात होगी। पार्षद पवन श्रीवास्तव ने भी कहा कि उम्मीद है कि मुख्तार अब्बास नकवी को उनके कद के हिसाब से कोई न कोई बड़ा पद जरूर मिलेगा।
पार्टी का में अनुशासित सिपाही हूं। अब तक जो भी जिम्मेदारियां मिली उसका निर्वहन पूरी ईमानदारी से किया गया। अब आगे क्या होगा, उस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता। पार्टी जो भी निर्देश देगी उसका पालन किया जाएगा। - मुख्तार अब्बास नकवी, पूर्व केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार।