\कैंट थानाक्षेत्र के अंतर्गत हुई हत्या के मामले अभियुक्तों अंशू भारतीय, सोनू भारतीया, मदनलाल, मितालू उर्फ संजय, किशन उर्फ संदीप की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा सभी अभियुक्त जमानत के योग्य नही है। यह आदेश जिला जज नलिन कुमार श्रीवास्तव ने जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि को सुनकर दिया।
वादी मुकदमा द्वारा दिनांक 3 फरवरी 2022 को थाने में मामले से जुड़े पांचों के विरुद्ध तहरीर दिया कि उसके पिता शीतला प्रसाद 02 फरवरी 2022 को लगभग 11 बजे सुबह मछली पकड़ने के लिए गये लेकिन घर वापस नहीं लौटे। प्रत्येक जगह खोजने के बाद 03 फरवरी 2022 गंगा जी के किनारे रेत में खून से लथपथ लाश मिली। बचाव पक्ष की ओर से विद्वान अधिवक्ता ने तर्क दिया कि सभी अभियुक्त निर्दोष हैं, उन्हें झूठा व रंजिशन फंसाया गया है।
उक्त सभी को न तो मौके पर पकड़ा है और न ही कोई बरामदगी है। एवं न ही कोई स्वतंत्र गवाह है। जबकि अभियोजन पक्ष के जिला शासकीय ने हत्या का घोर विरोध करते हुए तर्क दिया कि उक्त सभी अभियुक्त एक राय होकर बदला लेने की नियत से शीतला प्रसाद की हत्या की है। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनकर मामले के संपूर्ण तथ्यों एवं परिस्थितियों तथा संकलित साक्ष्य को देखकर अदालत ने जमानत अर्जी खारिज करने का आदेश पारित किया।