पीड़िता का आरोप था कि पांच जून 2006 की सुबह अभियुक्त अमरेश कुमार उसे आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर टीसी दिलाने के लिए स्कूल ले जाने के बजाय मिर्जापुर ले गया। वहां उसे कैद करके उसकेसाथ जबरदस्ती की। पीड़िता को उसने 15 दिनों तक डरा धमकाकर कमरे में बंद रखा।
शंकरगढ़ थानाक्षेत्र के अंतर्गत स्कूल की टीसी दिलाने के बहाने नाबालिग का अपहरण करके दुराचार करने के आरोपी अमरेश कुमार को जिला न्यायालय ने 10 वर्ष का कठोर कारावास और दो हजार रुपये की जुर्माने की सजा सुनाई है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश निशा झा ने सहायक शासकीय अधिवक्ता मृत्युंजय त्रिपाठी को सुनकर दिया है।
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पीड़िता का आरोप था कि पांच जून 2006 की सुबह अभियुक्त अमरेश कुमार उसे आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर टीसी दिलाने के लिए स्कूल ले जाने के बजाय मिर्जापुर ले गया। वहां उसे कैद करके उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता को उसने 15 दिनों तक डरा धमकाकर कमरे में बंद रखा। पीड़िता के बाबा की ओर से मामले में अभियुक्त के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अदालत ने दोनों पक्षाें को सुनने के बाद आरोपी को 10 वर्ष की सजा सुनाई।