परीक्षा निरस्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी और कोर्ट ने अभ्यर्थियों को राहत देते हुए आयोग के परीक्षा निरस्तीकरण का निर्णय रद्द कर दिया। साथ ही तीसरे चरण के लिए क्वालीफाई कर चुके अभ्यर्थियों की कंप्यूटर ज्ञान परीक्षा कराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद अभ्यर्थियों को लगा कि भर्ती का रास्ता अब साफ हो गया है। वहीं, आयोग के सूत्रों का कहना है कि एपीएस भर्ती-2013 मामले में जल्द ही कोर्ट में अपील दाखिल की जाएगी।
शॉर्ट हैंड में गलती पर छूट का कोई प्रावधान नहीं
एपीएस भर्ती की नियमावली में वर्ष 2001 से पहले शॉर्ट हैंड में पांच फीसदी तक छूट देने का प्रावधान था। 2001 में शासन ने नई नियमावली बनाई, जिसमें गलती पर छूट का प्रावधान समाप्त कर दिया गया। इसके बावजूद एपीएस भर्ती परीक्षा-2013 में अभ्यर्थियों को शॉर्ट हैंड की परीक्षा में आठ फीसदी तक की गलती पर छूट प्रदान की। हालांकि, बाद में आयोग ने माना कि विज्ञापन गलत जारी हो गया था और इसी आधार पर आयोग ने परीक्षा निरस्त की।