क्या था चंद्रपाल का मामला
याची चंद्रपाल सिंह के मामले में भी ऐसा ही हुआ, उसके मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने याची की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। छह माह बाद रोक का आदेश आगे न बढ़ने के कारण ट्रायल कोर्ट ने इसे स्वत समाप्त मानते हुए ट्रायल की कार्रवाई शुरू कर दी और परिणामस्वरूप याची को जेल जाना पड़ा। ऐसे कई मामले लगातार सामने आ रहे थे, जिन पर विचार के लिए यह पूर्ण पीठ गठित की गई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने इस प्रकरण पर विस्तृत विमर्श के बाद सुप्रीम कोर्ट के विचारार्थ विधि के कई तात्विक प्रश्नों को उठाते हुए हाईकोर्ट के समक्ष दा़खलि सभी प्रार्थना पत्रों को खारिज़ कर दिया है और याचियों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपील दा़खलि करने के लिए रजिस्ट्री को सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया है।