कला और हिंदी विषय की पांच सौं से अधिक फाइलें फंसीं
इसी तरह कला विषय में तकरीबन 90 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो विज्ञापन की शर्तों के तहत बीएफए एवं बीएड की डिग्री की अनिवार्यता पूरी नहीं कर रहे थे। उनके पास केवल बीएफए की डिग्री थी और परीक्षा में उनका चयन भी हो गया। सूत्रों का कहना है कि आयोग ने इस मसले पर एनसीटीई को पत्र भेजकर दिशा-निर्देश मांगे थे। एनसीटीई ने ऐसे अभ्यर्थियों को भर्ती के लिए पात्र माना था, क्योंकि केंद्रीय विद्यालयों में ऐसे अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती के लिए पात्र माना जाता है। एनसीटीई से स्थिति स्पष्ट होने के बाद आयोग ने इन अभ्यर्थियों की फाइलें माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेज दी थीं, लेकिन निदेशालय ने फाइलें आयोग को वापस कर दीं।
ऐसे में कला और हिंदी विषय में साढ़े पांच सौ से अधिक पदों पर अर्हता के विवाद के कारण भर्ती फंसी हुई है। इस बीच आयोग को एलटी ग्रेड शिक्षक के तकरीबन तीन हजार नए पदों का अधियाचन मिल चुका है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि अर्हता का विवाद दूर करते हुए साढ़े पांच सौं पदों पर भर्ती को लेकर जल्द ही कोई निर्णय लिया जाए, ताकि नई भर्ती के दौरान स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट रहे और अभ्यर्थियों के लिए चयन के अवसर भी बढ़ें।